मुंबई मे फिर से खुलेंगे डान्स बार

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मुंबई। सुप्रीम कोर्ट से डांस बार को मिली सशर्त मंजूरी के बाद महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री रणजीत पाटील ने कहा है कि सरकार डांस बारों में अश्लीलता बर्दास्त नहीं करेगी। फैसले का अध्ययन करने के बाद पुनर्विचार याचिका के बारे में निर्णय किया जाएगा। 

सुप्रीम कोर्ट ने दी डांस बार को सशर्त इजाजत, डांस बार में अश्लीलता बर्दाश्त नहीं करेगी महाराष्ट्र सरकार

राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण दरेकर ने भी कहा है कि सरकार की भूमिका डांस बारों को बंद कराने की है, यह पूरी तरह से स्पष्ट है। पुनर्विचार याचिका दायर करने पर जल्द ही निर्णय किया जाएगा। गृह राज्यमंत्री पाटील ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि डांस बार को लेकर राज्य सरकार ने वर्ष 2016 में जो नियम बनाए थे, उसको सुप्रीम कोर्ट ने आंशिक रूप से मान्य किया है और कई बिंदुओं को अमान्य भी कर दिया है। अश्लीलता रोकने के सरकार के नियम को कोर्ट ने मान्य किया है। अश्लीलता को लेकर तीन वर्ष की सजा का प्रावधान किया गया था, कोर्ट ने उसे भी मान्य किया है। डांस बारों में नर्तकी पर पैसे उड़ाने पर प्रतिबंध राज्य सरकार ने लगाया था, उसे भी मान्य किया गया है।

पाटील ने कहा कि राज्य सरकार का डांस बारों पर प्रतिबंध का मूल उद्देश्य अश्लीलता को रोकना ही था। राज्य सरकार इस बिंदु पर हमेशा सतर्क रहेगी। जिन बिंदुओं को कोर्ट ने अमान्य किया है, इसके बारे में सरकार फैसले का अध्ययन करने के बाद निर्णय करेगी। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दरेकर ने बताया कि कांग्रेस-राकांपा की सरकार ने वर्ष 2005 में डांस बार पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन राज्य में भाजपा-शिवसेना की सरकार बनने के बाद कानून बनाकर डांस बार के लिए कुछ शर्तें लगायी गयी थीं। इसी कानून को इंडियन होटल ऐंड रेस्टोरेंट एअसोसिएशन ने चुनौती दी थी।हालांकि सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार डांस बारों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड अथवा कोई भी परिचय पत्र अनिवार्य कर सकती है।

जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गुरुवार को अपने फैसले में डांस बार खोलने के लिए लाइसेंस हासिल करने को लेकर महाराष्ट्र सरकार द्वारा निर्धारित की गई कठोर शर्तों में ढील दी है। डांस परफॉर्मेंस के लिए साढ़े पांच घंटे के समय को बरकरार रखा गया है। कोर्ट ने ऑर्केस्ट्रा और डांसरों को टिप देने की अनुमति दी है, लेकिन बार के अंदर डांसरों पर पैसे उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया है।

खंडपीठ ने महाराष्ट्र के होटल, रेस्तरां और बार रूम में अश्लील नृत्य पर प्रतिबंध और महिलाओं की गरिमा की रक्षा संबंधी राज्य सरकार के वर्ष 2016 के कानून के कुछ प्रावधानों को निरस्त किया है। इसमें सीसीटीवी लगाने की अनिवार्यता और बार रूम तथा डांस फ्लोर के बीच विभाजन जैसे प्रावधान शामिल हैं। खंडपीठ ने डांस बार में अपनी कला का प्रदर्शन करने वालों को टिप के भुगतान की तो अनुमति दी, परंतु कहा कि उन पर पैसे लुटाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। धार्मिक स्थलों और शिक्षण संस्थाओं से एक किलोमीटर दूर डांस बार खोलने की अनिवार्यता संबंधी प्रावधान भी निरस्त कर दिया गया है।


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