भाजपा कार्यकाल में बनें 15 हजार कि.मी. नेशनल हाइवे

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मुंबई- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दावा है कि भाजपा के शासनकाल में प्रदेश में बीते साढ़े तीन वर्षो में 15 हजार किमी नेशनल हाइवे का निर्माण हुआ है जबकि पिछले 67 वर्षों में राज्य में केवल 5 हजार किमी नेशनल हाइवे का काम हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास हमारी सरकार का एजेंडा है। लिहाजा सड़क, बिजली, पानी जैसे मसलों को प्राथमिकता दी जा रही है।

महाराष्ट्र सहित देश में भी राष्ट्रीय महामार्ग का बड़ा जाल निर्माण करने में वे सफल हुए हैं। प्रदेश में सड़कों के साथ बड़े पैमाने पर पिछले 25 साल में लंबित पड़े रेलवे के काम भी शुरू हो गए हैं। अब राज्य में बांधों के काम शुरू हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को नांदेड़ के लोहा में कई सड़क परियोजनाओं के काम का ई-भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, श्रम मंत्री संभाजी पाटिल निलंगेकर, सांसद रावसाहेब दानवे, सांसद डॉ.‍ सुनील गायकवाड सहित प्रमुख हस्तियां मौजूद थी। राज्य के राष्ट्रीय महामार्ग के काम की घोषणा करके वे रूके नहीं, उन्होंने बड़े पैमाने पर निधि भी उपलब्ध कराई है। इसलिए महाराष्ट्र सहित देश में भी राष्ट्रीय महामार्ग का बड़ा जाल निर्माण करने में वे सफल हुए हैं। प्रदेश में सड़कों के साथ बड़े पैमाने पर पिछले 25 साल में लंबित पड़े रेलवे के काम भी शुरू हो गए हैं। अब राज्य में बांधों के काम शुरू हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मराठवाडा के हिस्से का कृष्णा घाटी का 21 टी.एम.सी. पानी पश्चिम महाराष्ट्र ने ले लिया है। इसमें 21 में से 14 टी.एम.सी. पानी का पता ही नहीं चल रहा है। अब 7 टी.एम.सी. पानी देने का काम शुरू है। इस 21 टी.एम.सी. पानी के साथ मराठवाडा को और 50 टी.एम.सी. पानी पिंजार-दमणगंगा घाटी से मराठवाडा-उत्तर महाराष्ट्र में लाया जाएगा। इसके लिए 50 हजार करोड़ रुपए केंद्र सरकार से प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर जलयुक्त शिवार के काम हो रहे हैं। इसीतरह आगामी वर्ष-डेढ़ वर्ष तक काम शुरू रहा तो पूरा राज्य टैंकरमुक्त हो जाएगा। नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना के अतंर्गत मराठवाडा के चार हजार गावों में एकात्मिक खेती सुधार योजना लागू की जाएगी। इसके लिए विश्व बैंक ने छह हजार करोड़ रुपए कर्ज देना स्वीकार किया है।

भारतीय राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण के अंतर्गत मराठवाडा की विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया। गडकरी ने कहा कि बिजली, पानी, सड़क और यातायात के संसाधन विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। जलयुक्‍त शिवार अभियान क्रांतिकारी कदम बताते हुए गडकरी ने कहा कि जल-जमीन से महाराष्ट्र में संपन्नता लाने का काम इसके माध्यम से हो रहा है। केंद्रीय जलसंसाधन विभाग का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने राज्य के राष्ट्रीय महामार्ग पर 170 ब्रिज कम बांध बनाने का काम हाथ में लिया है। इससे बड़े पैमाने पर पानी मिलेगा। लातुर-नांदेड का दुषित पानी परली के औष्णिक विद्यूत केंद्र को दिया जाए और मांजरा बांध का शुद्ध पानी लातुर वासियों को पीने के लिए देने का सुझाव उन्होंने दिया था। इस मामले में मुख्यमंत्री ने निर्णय ले लिया है और इस संबंध में परियोजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है।

ठाणे में चार बांध परियोजना
गडकरी ने कहा कि ठाणे जिले के पिंजार दमण गंगा पानी के संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री में करार हुआ था। इस करार के कारण मराठवाडा पर अन्याय होने का ध्यान में आते ही मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह करार अमान्य कर दिया। दमण गंगा घाटी का पानी मराठवाडा को देने के लिए चार बांध बनाने का प्रस्ताव भेजने कहा गया है। इस परियोजना के खर्च की निधि केंद्र सरकार देगी। इस परियोजना के अंतर्गत ठाणे जिले के उपरी हिस्से में चार बांध बनाए जाएंगे और नदी जोड़ परियोजना के तहत यह पानी मराठवाडा और नाशिक के बांध में इकट्ठा किया जाएगा। परियोजना का काम तीन महीने में शुरू होगा। इसके लिए बड़े पैमाने पर धनराशि लगेगी, लेकिन निधि की समस्या नहीं आने दी जाएगी।

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