मुंबई की मतदाता सूची से 20 लाख नाम गायब 

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मुंबई- महानगर की मतदाता सूची से 20 लाख मतदाताओं के नाम गायब होने का आरोप कांग्रेस ने लगाया है। कांग्रेस के मुंबई अध्यक्ष संजय निरूपम ने भाजपा पर जान बूझकर मतदाताओं का नाम हटाने का षडयंत्र रचने का आरोप लगाया है। निरूपम के नेतृत्व में पार्टी नेताओं के एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी सचिन कुर्वे से मुलाकात करके मतदाता सूची का पुनर्निरीक्षण करने की मांग की है। इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है। 

कांग्रेस ने लगाया भाजपा पर साजिश का आरोप

निरूपम के मुताबिक जिन 20 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे सही हैं या फर्जी हैं, इसकी जानकारी हमें नहीं है। परंतु जो नाम सूची से काटे गए हैं, वे नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए। किनके नाम काटे गए हैं, यह जनता को पता चलना चाहिए।  जो सही मतदाता हैं उनका नाम सूची से हटाने का अधिकार सरकार को नहीं है। निरूपम ने बताया कि मुंबई में एक हजार एसआरए योजना के तहत झोपडपट्टियों के पुनर्विकास का काम शुरू है, जिसके कारण लोग रहने के लिए दूसरे स्थानों पर गए हुए हैं।  यैसे समय में जब चुनाव आयोग के अधिकारी-कर्मचारी (BLA)  मतदाता पहचान के लिए जाते हैं तो व्यक्ति के नहीं दिखाई देने पर उनका नाम काट रहे हैं। झोपड़पट्टी में रहनेवाले और कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम जान बूझकर मतदाता सूची से निकाले जा रहे हैं।
 
 निरूपम के मुताबिक जिलाधिकारी से मांग की गई है कि मतदाता के सबूत के तौर पर आधारकार्ड को स्वीकार किया जाए। सरकार ने आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए स्मार्ट कार्ड को उपयोग लाने की घोषणा की है। परंतु स्मार्ट कार्ड पंजीकरण का काम अभी तक अधूरा है। चुनाव को लगभग छह महीने शेष रह गए हैं। परंतु सरकार के पास पर्याप्त मशीनरी नहीं है, जिससे कि यह काम पूरा हो सके।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधारकार्ड को समान्यों का पहला पहचान पत्र बता रहे हैं। .यैसा होते हुए भी एक चुनाव क्षेत्र से दूसरे विधान सभा क्षेत्र में नाम पंजीकरण के लिए राशनकार्ड की मांग की जा रही है। जबकि सरकार पहले सूचित कर चुकी है कि राशनकार्ड को सबूत नहीं माना जाएगा।  सरकार आधारकार्ड को बतौर पहचान पत्र घोषित करे। 
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