महाराष्ट्र में जलापूर्ति  के लिए 7,952 करोड़ रुपए मंजूर

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मुंबई- महाराष्ट्र के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री बबनराव लोणीकर ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत राज्य के 10 हजार 583 गांवों में 6 हजार 624 योजनाएं पूरा करने के लिए 7 हज़ार 9 52 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए हैं। इस धनराशि का इस्तेमाल महाराष्ट्र के हर सूखे प्रभावित गांव में जलापूर्ति योजना उपलब्ध कराने में की जाएगी।

प्रस्ताव को दो साल की अवधि के बाद मंजूरी

लोणीकर के प्रयास से पिछले 4 वर्षों में 5,500करोड़ रुपये की लागत के साथ लगभग 6 हजार 500 योजनाएं पूरी की गई हैं। पिछले 4 साल में राष्ट्रीय ग्रामीण के जल आपूर्ति विँभाग को अति गतिमान करके राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना और भारत निर्माण योजना के तहत अधूरी परियोजनाओं को पूरा कर लिया गया है। इस अवसर पर, वह यह सुनिश्चित किया जाता है कि राज्य सरकार के धन का सदुपयोग हो। इसलिए इस धनराशि का दुरुपयोग करने वाली जिला स्तर की समितियों पर आपराधिक मामला दर्ज करके उचित कार्रवाई की जाती है।

जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव में पिछली सभी योजनाओं के लिए 1,067 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इस वर्ष भी 9 हजार 691 नए वाड़े/बस्तियों के लिए 6हज़ार 653 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए 6 हज़ार 686 करोड़ रुपए के कुल बजट की आवश्यकता होगी। इस जंबो प्रस्ताव को दो साल की अवधि के बाद मंजूरी दे दी गई है।

इस योजना में कोकण विभाग के लिए 1942 गांवों के लिए954 योजनाओं का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लिए 570 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। पुणे विभाग के लिए 2621गांवों के लिए 1712 योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जिसके लिए 1796 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। नासिक विभाग के लिए 1731गांवों के लिए 898 योजनाओं का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लिए1584  करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। औरंगाबाद विभाग के लिए 1593 गांवों के लिए 1214 योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जिसके लिए 1251 करोड़ रुपए की निधि उपलब्ध कराई जाएगी। अमरावती विभाग कवाइट 1187 गांवों के लिए 716 योजनाएं प्रस्तावित है जिसके लिए 1099 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। नागपुर विभाग के लिए 617 गांवों के लिए 559 योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जिसके लिए 420 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस तरह कुल मिलाकर महाराष्ट्र राज्य के 9691 गांवों/ बस्तियों के लिए 6053 नई योजनाएं लागू की जाएंगी, जिसके लिए 6686 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

नई और चालू योजनाओं इस तरह कुल 10 हजार 583 गांवों / गांवों के लिए कुल 6 हजार 624 योजनाओं के लिए कुल 7,952 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दे दी गई है। इसके माध्यम से, महाराष्ट्र के सभी पानी की समस्या झेल रहे टैंकरग्रस्त गांवों के लिए भी योजना बनाई गई है।

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