अडानी-अंबानी के बीच बिजली कंपनी विक्री की पारदर्शिता की जांच होः निरुपम

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मुंबई- रिलायन्स ग्रुप के अनिल अंबानी ने बदनामी कराए जाने के संदर्भ में संजय निरुपम के खिलाफ मानहानि का दावा किया है। संजय निरुपम ने कहा कि सबसे पहले अंबानी को बिजली वितरण प्रणाली कंपनी की खरीद-विक्री प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से सबके सामने रखनी चाहिए।
 मुंबई के 30 लाख मुंबईवासियों की ओर से हमारी मांग यह है कि रिलायन्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की विक्री प्रक्रिया की जानकारी पारदर्शी तरीके से मुंबई की जनता के सामने रखनी चाहिए। खुद का कर्ज चुकता करने के लिए अंबानी ने यह कंपनी बेची है। इसकी भरपाई जनता को ही करनी पड़ेगी-संजय निरुपम
निरुपम के अनुसार अनिल अंबानी ने अपनी कंपनी अडानी को बेच दी है। इन दोनों के बीच किस तरह का करार हुआ है, इसे सबके सामने रखना जरूरी है। बिजली आपूर्ति कंपनी को इस तरह से अडानी को बेच दिए जाने से भविष्य में मुंबई उपनगर में बिजली के दामों में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। मुंबई काँग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा कि रिलायन्स ग्रुप के मालिक अनिल अंबानी ने आर्थिक घाटे से बचने के लिए अपनी कंपनी अडानी को बेच दिया। मुंबई के 30 लाख मुंबईवासियों की ओर से हमारी मांग यह है कि रिलायन्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की विक्री प्रक्रिया की जानकारी पारदर्शी तरीके से मुंबई की जनता के सामने रखनी चाहिए। खुद का कर्ज चुकता करने के लिए अंबानी ने यह कंपनी बेची है। इसकी भरपाई जनता को ही करनी पड़ेगी। जनता को लूटने का अधिकार रिलायन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को नहीं है।
रिलायन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी की ऑडिट कराए जाने के बाद 5,575 करोड़ रुपए का मूल्यांकन किया गया। इसके बावजूद अडानी ट्रान्समिशन लिमिटेड नामक कंपनी ने 18,800 करोड रुपए में खरीद लिया। इसके पीछे क्या कारण है। इसका पता चलना चाहिए। पहले से ही अडानी ट्रान्समिशन कंपनी पर अरबों रुपए का भारी-भरकम कर्ज है। लेकिन अंबानी की कर्ज से डूब चुकी कंपनी को खरीदने के बाद अडानी मंहगी दर पर बिजली बेचेगा, जिसका खामियाजा जनता को ही करना होगा। मुंबई उपनगर के बिजली ग्राहकों को मंहगी दर पर बिजली खरीदने को विवश होना पड़ेगा। हमने इस संदर्भ में सूचना मांगी थी। लेकिन अंबानी की ओर से मानहानि का दावा कर दिया गया। जनता के हित के लिए सवाल पूछने पर मानहानि का केस दायर किया जाता है। यह मामला कोर्ट तक जाएगा।
निरुपम ने इस दौरान राफेल सौदे को लेकर भी सवाल उठाया। राफेल सौदे को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाया था। इसका कॉन्ट्रॅक्ट रिलायन्स डिफेन्स को दिया गया है। इस सौदे में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। लेकिन भाजपा सरकार इस सौदे की जांच कराने को तैयार नहीं है। इस सौदे को लेकर सही जानकारी जनता के सामने जानी चाहिए। प्रत्येक विमान को कितने रुपए में खरीदा गया है, इसकी जानकारी सरकार नहीं दे रही है।
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