अभिनेत्री मीनाक्षी के हत्यारों को फांसी देने की माँग

Download PDF

कोर्ट ने प्रीति सरीन और अमित जायस्वाल को दोषी ठहराया

मुंबई- नेपाली मूल की फिल्म अभिनेत्री मीनाक्षी थापा हत्याकांड सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रीति सरीन और अमित जायस्वाल को दोषी ठहराया था। गुरुवार को इस मामले में सत्र न्यायालय में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने दोनों आऱोपियों को फांशी की सजा देने की मांग अदालत से की है।
साल 2012 में बॉलीवुड में बतौर जूनियर आर्टिस्ट के रूप में  काम करनेवाली नेपाली अभिनेत्री मीनाक्षी थापा की फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया था। रुपए न मिलने से नाराज आऱोपियों ने उसकी हत्या करने के बाद उसकी लाश को इलाहाबाद में फेंक दिया था। सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने सिर और धड़ को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया था। जांच में सामने आया था कि प्रीति सरीन और अमित जायस्वाल नामक आरोपियों ने ही मीनाक्षी थापा की हत्या की है। इन दोनों की पहचान मीनाक्षी थापा से फिल्म दिग्दर्शक मधुर भंडारकर की फिल्म हिरोईन की शूटिंग के दौरान हुई थी।
सरकारी पक्ष की ओर से इस केस को रेयर ऑफ दि रेयर सिद्ध करने की कोशिश की गई। इसके लिए सरकारी वकील ने 16 मुद्दों का आधार बनाया है। इस मामले में शुक्रवार को सत्र न्यायालय अपना फैसला सुना सकती है।  साल 2012 में बॉलीवुड में बतौर जूनियर आर्टिस्ट के रूप में  काम करनेवाली नेपाली अभिनेत्री मीनाक्षी थापा की फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया था। रुपए न मिलने से नाराज आऱोपियों ने उसकी हत्या करने के बाद उसकी लाश को इलाहाबाद में फेंक दिया था। सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने सिर और धड़ को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया था। जांच में सामने आया था कि प्रीति सरीन और अमित जायस्वाल नामक आरोपियों ने ही मीनाक्षी थापा की हत्या की है। इन दोनों की पहचान मीनाक्षी थापा से फिल्म दिग्दर्शक मधुर भंडारकर की फिल्म हिरोईन की शूटिंग के दौरान हुई थी।
दोनों आरोपियों ने भोजपुरी फिल्म में काम दिलाने के बहाने से मीनाक्षी को पहले गोरखपुर ले गए और वहां बंधक बना कर रखा। वहां से दोनों ने मीनाक्षी की मां को 15 लाख रुपए फिरौती देने के लिए फोन किया। लेकिन मीनाक्षी की मां ने दोनों को केवल 60 हजार रुपए ही दिए थे। इससे नाराज आऱोपियों ने निर्दयता से थापा की हत्या कर दी।

काटेवाडी हत्याकांड के दस आरोपियों को उम्र कैद 

इसबीच,  चार साल पहले अहमदनगर जिले के जामखेड काटेवाडी में डबल मर्डर की घटना में शामिल दस आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। गुरुवार को काटेवाड़ी डबल मर्डर केस की सुनवाई करते हुए अहमदनगर जिला सत्र न्यायालय ने आरोपियों की सजा पर फैसला सुनाया।
साल 2014 में आसाराम बहिर और नितीन की खेतों के विवाद के बाद हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में महादेव बहिर ने अपने ही भाई और भतीजे की निर्दयता से हत्या की थी। पुलिस जांच में सामने आय़ा कि आसाराम और उसके भतीजे महादेव के बीच लगभग आठ एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने आसाराम और नितीन को खेतों पर घेरकर लकड़ी, भाले और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। जमीन विवाद का प्रकरण पहले से ही जामखेड न्यायालय में चल रहा था।
कोर्ट ने आसाराम के पक्ष में फैसला सुनाया था। इससे नाराज होकर महादेव और अन्य लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। भीड़ में शामिल लोगों ने नितीन की मां के साथ भी बदसलूकी की और गंभीर रूप से मारपीट की थी। इस हत्याकांड से कुछ दिन पहले ही नितीन को नौकरी मिली थी और अगले सप्ताह ही उसका विवाह होनेवाला था। शादी के लिए ही वह इगतपुरी से गांव आया हुआ था। लेकिन बाप-पेटे की हत्या कर दी गई।
Download PDF

Related Post