किफायती घरों के लिए म्हाडा को प्लानिंग एथोरिटी की जिम्मेदारी 

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मुंबई- शहरी भागों में प्रधानमंत्री आवास योजना को गति देने के लिए महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) को योजना प्राधिकरण के तौर पर काम करने का निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया है। साथ ही एसआरए में किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए गृह विभाग के मार्फत 50 अधिकारियों- कर्मचारियों की नियुक्तियां करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है।
एसआरए का अतिक्रमण हटाने 50 अधिकारियों और कर्मचारियों की नियु्क्ति 
सह्याद्री अतिथि गृह में शहरी क्षेत्रों में सभी को किफायती घर उपलब्ध कराने के संबंध में शुक्रवार को बैठक बुलाई गई थी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गृहनिर्माण मंत्री प्रकाश मेहता, राज्यमंत्री रविंद्र वायकर, गृहनिर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय कुमार, झोपडपट्टी पुनर्वास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक कपूर, म्हाडा के उपाध्यक्ष मिलींद म्हैसकर, नगर विकास विभाग के सचिव नितीन करीर, मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त अजोय मेहता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत बड़े पैमाने पर घर बनाए गए हैं, शहरी भागों में भी इस योजना को तेज गति से लागू किया जाना चाहिए। आवास योजना के मकान विभिन्न शहरों में हैं, अलग-अलग नगरपालिका और महानगरपालिका से म्हाडा को समय पर प्रारूप और निर्माणकार्य की मंजूरी मिलने में विलंब होता है, इसे टालने के लिए और योजना को गति देने के लिए म्हाडा योजना प्राधिकरण के तौर पर काम करे। राज्य के विभिन्न शहरों में इस साल 10 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखते हुए काम करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर बनाते समय अथवा परियोजना का निर्माण करते हुए लगनेवाली पर्यावरण संबंधी अनुमतियां ‘राइट टू सर्विस एक्ट’ के तहत एक महीने में दी जाएंगी। किफायती घरों की कींमतें सामान्यों के दायरे में हों। सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के अंतर्गत किफायती घर बनाए जाएं और उनके काम का स्तर बेहतर हो। काम की गुणवत्ता का मुल्यांकन तीसरी मशीनरी के मार्फत कराया जाए। इस अवसर पर म्हाडा और एसआरए की ओर से योजना का प्रस्तुतिकरण किया गया।
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