प्लास्टिक के बाद रासायनिक खादों पर भी लगेगा प्रतिबंध  

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मुंबई।  महाराष्ट्र सरकार ने प्लास्टिक पर शतप्रतिशत प्रतिबंध लगाने के बाद अब खेती के इस्तेमाल में आनेवाली रासायनिक खादों पर भी संपूर्ण पाबंदी लगाने का गंभीरता से विचार कर रही है। यह जानकारी पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने दी है।
नदी और समुद्र तट प्लास्टिक की वस्तुओं से भरे हैं। इसका विपरीत परिणाम मानव जीवन के साथ-साथ जैविक विविधता पर भी हो रहा है। कार्बनडाय ऑक्साईड का प्रमाण बढ़ा है। तापमान में भी वृद्धि हुई है। किसानों को अकाल का सामना करना पड़ रहा है। खेती के उपयोग में आनेवाली रासायनिक खादों के कारण फसलों में विषैले घटकों का प्रमाण बढ़ा है। जिससे कई लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
 मुंबई के वाईबी चव्हाण प्रतिष्ठान में बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस समारोह में पुरस्कार वितरित किए गए। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया में प्लास्टिक पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया गया है। प्लास्टिक के दुष्परिणामों को संज्ञान में लेते हुए राज्य की जनता भी खुद से प्लास्टिक कैरीबैग को त्याग कर, कपड़े की थैलियों का उपयोग कर रही है। नदी और समुद्र तट प्लास्टिक की वस्तुओं से भरे हैं। इसका विपरीत परिणाम मानव जीवन के साथ-साथ जैविक विविधता पर भी हो रहा है। कार्बनडाय ऑक्साईड का प्रमाण बढ़ा है। तापमान में भी वृद्धि हुई है। किसानों को अकाल का सामना करना पड़ रहा है। खेती के उपयोग में आनेवाली रासायनिक खादों के कारण फसलों में विषैले घटकों का प्रमाण बढ़ा है। जिससे कई लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। लिहाजा प्लास्टिक के बाद अब रसायनिक खादों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाने पर पर्यावरण विभाग विचार कर रहा है। जन-जन तक संदेश पहुंचाने पर प्लास्टिक थैलियों का उपयोग पूरी तरह से बंद हो जाएगा।
पर्यावरण मंत्री कदम ने कहा कि शतप्रतिशत प्लास्टिक पर पाबंदी लगानेवाली प्रदेश की महानगरपालिका को 25 लाख, नगरपरिषद को 15 लाख तथा छह राजस्व विभागों में एक ग्रामपंचायत को 10 लाख रुपए का पुरस्कार पर्यावरण दिवस पर दिया जाएगा। राज्यमंत्री प्रवीण पोटे-पाटिल ने कहा विभाग ने  प्लास्टिक पाबंदी का मिशन छेड़कर, उसे सफल बनाया है। प्लास्टिक के कारण नदी-नालों में आनेवाली बाढ़, प्लास्टिक वस्तुओं से होनेवाली गंभीर बीमारियां, तापमान में बढ़ोतरी को लेकर दुनियाभर में चिंता जताई जा रही है। हर व्यक्ति कम से कम सौ लोगों को प्लास्टिक पाबंदी के निर्णय की जानकारी दे तो अपना राज्य शतप्रतिशत प्लास्टिक मुक्त हो जाएगा। अपर मुख्य सचिव सतीश गवई ने कहा कि महाराष्ट्र की तर्ज पर तमिलनाडु सरकार ने भी 1 जनवरी 2019 से प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
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