‘भूलो नहीं कि किसने सिखाई राजनीति’, अजीत पवार का भाजपा पर पलटवा 

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मुंबई-  भाजपा के स्थापना दिवस रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा एनसीपी मुखिया शरद पवार की गई टिप्पणी राकांपाईयों को नागवार गुजरी है।  एनसीपी नेता अजीत पवार ने भाजपा पर पलटवार किया है। अजीत ने कहा है जिस शरद पवार की उंगली पकड़कर उनके गुरु राजनीति में आए, आज उसी भाजपा के बाल-बच्चे पवार पर टिप्पणी कर रहे हैं।
भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। किसी की भी जांच की जा रही है और बिना किसी संदेह के जेल में डाला जा रहा है। इसतरह की राजनीति महाराष्ट्र में कभी नहीं हुई। इस परंपरा को रोकने का काम अब हमें करना है – अजीत पवार 
मुख्यमंत्री ने एनसीपी की हल्ला बोल रैली को डल्ला मार रैली करार दिया था। अमित शाह ने कहा था कि पवार के इशारे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से साढ़े चार साल का हिसाब मांग रहे हैं। उधर जनता राहुल से कांग्रेस की चार पीढियों का हिसाब मांग रही है। याद दिला दें इससे पहले मोदी जब पुणे की सभा में आए थे तो उन्होंने पवार का गुणगान करते हुए कहा था कि पवार की उंगली पकड़कर उन्होंने सियासत सीखी है। इसी को आधार बनाते हुए पवार ने भाजपा पर पलटवार किया है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। सातारा के दहीवडी में निकाली गई हल्लाबोल रैली को संबोधित करते हुए अजीत पवार ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। किसी की भी जांच की जा रही है और बिना किसी संदेह के जेल में डाला जा रहा है। इसतरह की राजनीति महाराष्ट्र में कभी नहीं हुई। इस परंपरा को रोकने का काम अब हमें करना है। अजीत पवार ने आरोप लगाया कि किसानों की व्यथा से सरकार को कुछ लेना-देना नहीं है। जबकि विज्ञापनों पर करोड़ो रुपए खर्च किए जा रहे हैं। निराधर योजना के लिए भी सरकार पैसे नहीं दे रही। मुस्लिम और मराठा समाज आर्थिक रूप से कमजोर है, उन्हें आरक्षण मिलना चाहिए। परंतु सरकार केवल अध्ययन कर रही है और कमेटियां बना रही है।
एनसीपी प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि आनलाइन के लिए कतार में खड़ी करनेवाली सरकार को अब आफलाइन किए बिना शांत नहीं बैठा जाएगा। बोंडअली ग्रस्त किसानों को प्रति एकड़ 30 हजार रुपए देने का आश्वासन दिया गया था। परंतु अभी तक किसानों को एक रुपए भी नहीं दिया गया है। देश में पहली फलोत्पादन योजना शरद पवार ने शुरू की थी। किसानों हित के निर्णय इस सरकार ने नहीं लिए, इसीलिए हल्लाबोल रैली निकाली जा रही है। भाजपा की स्थापना दिवस रैली में शरद पवार पर टिप्पणी की गई, प्रदेश की जनता यह टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेगी। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष धनंजय मुंडे ने भाजपा नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि जब आप तुतला रहे थे, तब शरद पवार मुख्यमंत्री की शपथ ले रहे थे। पवार पर टिप्पणी करने की आपकी हैसियत नहीं है। एनसीपी की हल्लाबोल रैली की शुरूआत में सबसे पहले मोटरसाइकल रैली निकाली गई, इसके बाद हुई सभा को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।
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