अजीत पवार ने की मनसे को गठबंधन में शामिल करने की पैरवी

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मुंबई। पूर्व उपमुख्यमंत्री व एनसीपी विधायक दल के नेता अजीत पवार ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को महागठबंधन में शामिल करने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा-शिवसेना को पराजित करना है तो मनसे को साथ आना चाहिए। हालांकि इसे  अजीत पवार की व्यक्तिगत राय बताई गई है।

वोटों के विभाजन से बचने के लिए सभी दलों को एकजुट होना चाहिए

पवार ने कहा कि सोमवार को लखनऊ में प्रियंका गांधी की रैली हुई। मायावती और अखिलेश ने समझौता किया। मतदाता अलग-अलग निर्णय लेते हैं। राजनीति में कोई किसी के साथ आ सकता है। भाजपा-शिवसेना का गठबंधन होगा, यह प्रेशर टैक्निक है। उनका फार्मूला क्या है वे सुनिश्चित करें। परंतु भाजपा-शिवसेना का गठबंधन होगा। अजीत पवार के मुताबिक मौजूदा सांसद की सीट कोई भी पार्टी छोड़ने के लिए तैयार नहीं होती, अन्य सीटों का विचार किया जाता है। लिहाजा वोटों के विभाजन से बचने के लिए सभी दलों को एकजुट होना चाहिए। धर्मनिरपेक्ष विचारधारावाली पार्टियां साथ आएं।  मनसे को पिछले चुनाव में एक लाख वोट मिले थे। अजीत पवार ने कहा कि शिवसेना-भाजपा को हराने के लिए मनसे को साथ आना चाहिए। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने खबर सुनी है। अगर प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल को इसके बारे में कुछ गलतफहमी है तो उसे दूर किया जाना चाहिए। 

याद दिला दें कि एनसीपी मुखिया शरद पवार मनसे को साथ लेने से इनकार कर चुके हैं। कांग्रेस भी मनसे से दूरी बनाए रखने की अपनी इच्छा व्यक्त कर चुकी है।  एेसे में अजीत पवार के मनसे को साथ लेने के बयान से राज्य की सियासत गरमा गई है। मंगलवार को राज ठाकरे ने अपने आवास कृष्णकुंज पर पार्टी पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर लोकसभा चुनाव लड़ने के संबंध में रणनीति बनाई है। बताया जाता है कि मुंबई की तीन सीटों पर मनसे चुनाव लड़ सकती है। वह सीटें कौन होंगी, इसका पत्ता मनसे ने अभी नहीं खोला है। 

बेटे पार्थ पवार के चुनाव लड़ने के सवाल पर अजीत पवार ने कहा कि आज कल बच्चे अपना निर्णय खुद लेते हैं। पार्थ घूम रहे हैं तो इसका अर्थ यह नहीं कि वे चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी को बढ़ाने के लिए सभी काम करते हैं। पार्थ चुनाव लड़ेगे, एेसा पार्टी ने स्पष्ट नहीं किया है। उन्होंने कहा कि शिरुर से पवार परिवार के चार सदस्य चुनाव लड़ेगें, इन खबरों में कोई तथ्य नहीं है। पवार ने कहा कि मुद्रा लोन आदि सभी गाजर थे। कुछ घोषणाएं की जाती हैं, वास्तव में लाभार्थी नहीं मिलते। अजीत पवार ने कहा कि कर्ज देते समय लाभार्थियों के कर्ज की जिम्मेदारी कौन लेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए अजीत पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य में 43 की बजाए सभी 48 सीटें पर जीतने का दावा कर सकते हैं।

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