महाराष्ट्र में अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय स्कूल का शुभारंभ

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मुंबई । पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 95 वीं जयन्ती के अवसर पर राज्य में 13 भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय स्कूल का शुभारंभ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटलजी ने देश को विकास की दिशा दी।

भारत के हर व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचने का उनका सपना था। उनकी जयंती पर, महाराष्ट्र शिक्षा बोर्ड के तहत भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल स्कूल शुरू किया जा रहा है। यह उनके लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि है।

सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल स्कूल का डिजिटल प्रणाली से शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद पल है जब अटलजी की जयंती पर इंटरनेशनल स्कूल का शुभारंभ किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने छात्रों में एक बड़ा बदलाव लाने की प्रयास किया है। राज्य के शिक्षा क्षेत्र में यह एक प्रगति का पड़ाव है। स्कूल के सिलेबस उन विशेषज्ञों की मदद से बनाया गया है जिन्होंने देश के विकास में बदलाव में योगदान दिया है। प्रत्येक व्यक्ति की क्षमता के अनुसार शिक्षा प्रणाली बनाई गई है। वैश्विक स्तर पर छात्रों की तैयारी के लिए प्रशिक्षण तैयार करने के लिए बोर्ड ने नीति तैयार की है। उन्होंने कहा कि देश के लिए योगदान करने वाले विद्यार्थियों को इस स्कूल से तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की शिक्षा क्षमता को 100 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है।  लाखों शिक्षक ने 8,000 एप तैयार करके शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों से जिला परिषद स्कूल की ओर पलायन कर रहे हैं। यह शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है।

केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा अटलजी ने सर्व शिक्षा अभियान की शुरुआत की। उनकी जयंती पर अंतरराष्ट्रीय स्कूलों का शुभारंभ उनके अभियान को वास्तव में सार्थक बनाने के लिए है। ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड की अवधारणा अगले तीन वर्षों में 9 वीं से 15 वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए देश के 15 लाख क्लास रूम में लागू की जाएगी।शिक्षा मंत्री तावड़े ने कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट राज्य के 13 स्कूलों, आदिवासी विकास विभागों, सामाजिक न्याय विभागों और स्कूल शिक्षा विभागों में पहले चरण में कार्यान्वित किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। यह शिक्षा व्यवस्था अगले वर्ष प्रदेश के 100 स्कूलों में लागू की जाएगी। विद्यार्थियों को उनकी पसंद की पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री पंकाज मुंडे, महाराष्ट्र शिक्षा बोर्ड के निदेशक सुनील मगर, वैज्ञानिक डॉ. विजय भटकर समेत कई गणमान्य उपस्थित थे।

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