खनन कानून में संशोधन, जिलाधिकारियों का बढ़ा अधिकार  

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मुंबई। राज्य सरकार ने खनन कानून में संशोधन करने का निर्णय लिया है। सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए सहजता से और नियमित गौण खनिज उपलब्ध हो सके, इसलिए कानून में बदलाव के प्रस्ताव को मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। महाराष्ट्र गौण खनिज खनन (विकास व विनियमन) नियम-2013 में संशोधन किया गया है। राजस्व और वन विभाग के इस फैसले पर मंत्रिमंडल ने भी मोहर लगा दी है। इसीतरह मुंबई, नागपुर और औरंगाबाद के महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को अपना खर्च पूरा करने के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 से अगले पांच साल तक प्रत्येक को पांच-पांच करोड़ रुपए हर साल देने का निर्णय है।
इस नियम के तहत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को नियमित और सहजता से गौण खनिज की आपूर्ति की जा सकेगी। सरकारी खनन जमीनों को बिना निलामी सरकारी मशीनरी को देने का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया गया है।
खनिज पट्टों के आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए सरकारी खनन जमीनों की नीलामी करने का प्रावधान संबंधित कानून में किया गया है। इस नियम के तहत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को नियमित और सहजता से गौण खनिज की आपूर्ति की जा सकेगी। सरकारी खनन जमीनों को बिना निलामी सरकारी मशीनरी को देने का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया गया है। इससे पहले वडार और कुंभार समुदाय के पारंपरिक कारोबार को बढ़ावा देने के लिए. केवल उनके आवेदन पर ही उन्हें अनुमति देने का संशोधन कानून में किया गया था। राज्य के 30 जिलों के 85 हजार 452 आंगनवाडी केंद्रों में राष्ट्रीय पोषण मिशन चलाने का फैसला लिया गया है। इससे आंगनवाडि़यों को डिजिटल बनाने में मदद मिलेगी। मिशन के अंतर्गत आंगनवाडी सेविकाओं को मोबाईल फोन, बच्चों की उंचाई और वजन नापने के लिए अत्याधुनिक साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। अंब्रेला एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना की विभिन्न उपाययोजनाओं की दरों में भी बदलाव किया गया है।
अतिवृष्टि और बेमौसम बारिश से बाधित हुए किसानों की मदद के लिए 625 करोड़ 33 लाख 8 हजार रुपए की मंजूरी दी गई है। इससे राज्य के 26 लाख 26 हजार 150 किसानों को राहत मिल सकेगी। तुअर और चने की खेती करनेवाले किसानों को भी राज्य सरकार ने राहत दी है। ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद भी जिनकी उपज नहीं खरीदी जा सकी है, यैसे किसानों को प्रति कुंतल एक हजार रुपए तक अनुदान देने का फैसला राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया है। इस संबंध में शर्ते और सूचना अलग से जारी की जाएगी। चना खरीदी की ताऱीख 13 जून तक बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुअर खरीदी का भुगतान 7 जून तक किसानों को करने का निर्देश संबंधितों को दिया है। इसके अलावा मूलभूत सुविधाओं के लिए सात कटक मंडलों (कैन्टॉन्मेंट बोर्ड) को राज्य योजना से निधि देने का निर्णय़ लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें देहू, खडकी, पुणे, औरंगाबाद, अहमदनगर, देवलाली और कामठी के कटक मंडलों का समावेश है।
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