भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह करेंगे उद्धव ठाकरे से मुलाकात 

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मुंबई । भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को शिवसेना पक्षप्रुमख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे। भाजपा और शिवसेना में चल रही खींचतान के बीच दोनों की मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। देखना दिलचस्प होगा कि एकला चलो की घोषणा कर चुके उद्धव क्या भाजपा के साथ आगामी चुनाव के लिए गठजोड़ करने के लिए तैयार होते हैं।
लोकसभा चुनाव के लिए एक साल बचे हैं। पालघर संसदीय सीट के उपचुनाव में शिवसेना ने पहली बार चुनाव लड़ा था। परंतु शिवसेना ने भाजपा उम्मीदवार को कड़ी टक्कर दी थी। शिवसेना सांसद संजय निरूपम ने कहा है कि शिवसेना की ताकत देखकर अमित शाह को मातोश्री की याद आई है। 
अमित शाह बुधवार को मुंबई दौरे पर आ रहे हैं। बताया जाता वे बुधवार शाम छह बजे मातोश्री जाकर उद्धव से मुलाकात करेंगे। भाजपा के संपर्क फॉर समर्थन अभियान के तहत यह मुलाकात होनेवाली है। लोकसभा चुनाव के लिए एक साल बचे हैं। यैसे में भाजपा के संपर्क फॉर समर्थन अभियान को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। पालघर संसदीय सीट के उपचुनाव में शिवसेना ने पहली बार चुनाव लड़ा था। परंतु शिवसेना ने भाजपा उम्मीदवार को कड़ी टक्कर दी थी। भाजपा और शिवसेना के बीच निर्माण हुए तनाव के बीच यह मुलाकात होने जा रही है। शिवसेना सांसद संजय निरूपम ने कहा है कि शिवसेना की ताकत देखकर अमित शाह को मातोश्री की याद आई है।
इधर भाजपा प्रवक्ता केशव उपाध्ये के मुताबिक मित्र दलों से मेल-मिलाप की परंपरा पुरानी है। इससे पहले भी सरकार के साल पूरे होने पर सहयोगी पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात होती रही है। केंद्र सरकार के चार साल पुराने होने पर पार्टी अध्यक्ष शाह उद्धव से मिलने जा रहे हैं। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि इतने दिनों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह को उद्धव की याद नहीं आई। अचानक भाजपा को उद्धव कैसे याद आ गए। राजनीति के जानकारों की मानें तो हाल के उपचुनावों में विपक्षी दलों की एकजुटता से भाजपा को मिली पराजय प्रमुख कारण हो सकता है। कर्नाटक में बड़ी जीत हासिल करने के बाद भी भाजपा को सत्ता से दूर होना पड़ा है। आगामी वर्ष 2019 के चुनाव को ध्यान में ऱखते हुए भाजपा मित्र दलों से मेल-मिलाप बढ़ा रही है। इस संबंध में पूछे जाने पर शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
मुंबई में उद्धव से मिलने के बाद शाह सात जून को अकाली दल के प्रकाशसिंह बादल से मिलने चंडीगढ़ जाएंगे। अमित शाह अभी तक योगगुरु बाबा रामदेव, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव, पूर्व सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग, दुघर्टना विशेषज्ञ सुभाष कश्यप और पूर्व न्यायाधीश लाहोटी से मुलाकात कर चुके हैं। भाजपा बुद्धिजीवी वर्गो से भी संपर्क बढ़ा रही है। चर्चा है आरएसएस के सुझाव पर भाजपा ने अपने रूख में परिवर्तन किया है। इंग्लैंड में मजदूर पार्टी ने अपने काम का जायजा लेने के लिए लिस्टन टू ब्रिटेन्स यानी लेबर पार्टी लिसंस का प्रयोग किया था। इसी तर्ज पर भाजपा ने भी एनडीए गठबंधन के घटक दलों से मेल-मिलाप के लिए संपर्क फॉर समर्थन कार्यक्रम तय किया है।
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