शहरी इलाकों में भी लागू होगी ‘अस्मिता’ योजना 

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मुंबई- महिलाओं के लिए लागू की गई महत्वाकांक्षी योजना अब शहरी इलाकों में लागू की जाएगी। इससे पहले इसका दायरा केवल ग्रमीण इलाकों तक सीमित तक था। महिला व बाल कल्याण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा है कि नगर विकास विभाग से चर्चा करके शहरी इलाकों के स्कूलों में भी अस्मिता योजना लागू की जाएगी और इस योजना के तहत सैनेटरी पैड की कींमत शुन्य तक लाने का प्रयास किया जाएगा। यह योजना को राज्य में एक मई से लागू किया जाएगा।
स्वीकार्यता, सस्ती कीमत और उपलब्धता इन तीनों मुद्दों पर यह योजना कार्यान्वित की जाएगी। सैनेटरी पैड का एक ही जगह पर उत्पादन करके बचत समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। बचत समूहों को सुमतीबाई सुकलीकर योजना के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा।
नाशिक के ईदगाह मैदान में आयोजित ‘अस्मिता’ महिला मेले को संबोधित करते हुए पंकजा ने यह जानकारी दी। कार्यक्रम में ग्राम विकास राज्यमंत्री दादाजी भुसे, विधायक देवयानी फरांदे, सीमा हिरे, जिला परिषद अध्यक्ष शीतल सांगले सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। पंकजा ने कहा कि स्वीकार्यता, सस्ती कीमत और उपलब्धता इन तीनों मुद्दों पर यह योजना कार्यान्वित की जाएगी। सैनेटरी पैड का एक ही जगह पर उत्पादन करके बचत समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। बचत समूहों को सुमतीबाई सुकलीकर योजना के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। जिसके चलते ग्रामीण भागों में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और बचत गटों के माध्यम से अशिक्षित महिलाएं भी देखील सक्षम और संगठित होंगी। लड़कियों के पोषण और अच्छे स्वास्थ्य के बिना सशक्त पीढ़ी का जन्म नहीं हो सकता। इसलिए इस योजना आखिरी महिला तक पहुंचने के लिए सरकार का प्रयास है।
पंकजा ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने ‘असिमता फंड’ में योगदान दिया है। यदि इस तरह का योगदान समाज से मिला तो पूरे प्रदेश में ‘असिमता राज्य’ होगा। योजना के कारण आदिवासी बस्तियों की लड़कियां भी आत्मविश्वास और गरिमा के साथ जी सकेंगी। यही लड़कियां अस्मिता दूत बनकर गांव- गांव में जानकारी पहुंचाएंगी। भुसे ने कहा कि अत्यंत कम खर्च में सरकार ने महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं को हल करनेवाली योजना शुरू की है। अस्मिता योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों का पंजीकरण किया जा रहा है। बचत समूहों के माध्यम से इस योजना को ग्रामीण इलाकों में पहुंचाने का सरकार प्रयास कर रही है। सरकार की ओर से संवेदनशील जिला घोषित किए जाने पर ऋण का समय पर भुगतान करनेवाले बचत समूहों से ब्याज की रकम नहीं ली जाएगी।
फरांदे ने कहा कि राज्य में केवल 17 फीसदी महिला सैनेटरी नैपकिन का उपयोग करती हैं, सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए क्रांतिकारी योजना शुरू की है।  गीते ने बताया कि अस्मिता योजना के अंतर्गत जिलों में 650 बचत समूहों और 25 हजार लड़कियों को नामांकित किया गया है। पंजीकरण में नाशिक जिला राज्य में सबसे आगे है। इस दौरान विभिन्न पुरस्कार वितरित किए गए।
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