ATMs Go “Cashless” In Allahabad!

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इलाहाबाद के ए॰टी॰एम॰ कंगाल!

पंकज दीक्षित, 6D न्यूज़. इलाहाबाद.
इलाहाबाद शहर में अचानक एटीएम से नक़द निकलना बंद हो गया है। लोग मारे मारे फिर रहे हैं। हालात डीमोनेटाईजेशन के दिनों जैसी होती जा रही हैं। शनिवार और रविवार को शहर के 80 फीसदी एटीएम में कैश नहीं था। लोग रुपये निकालने के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर लगाते रहे।

बैंक अधिकारी, एटीएम पर तैनात सुरक्षाकर्मि इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। उनसे कोई जवाब नहीं मिल रहा। जब हमारे रिपोर्टर ने जब बैंक अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो कोई अधिकारी इस मुद्दे पर टिप्पणी करने को तैय्यार नहीं था। स्टिंग ऑपरेशन में बैंक अधिकारी ने क़बूल किया की नक़द की कमी के चलते ये समस्या खाड़ी हुई है।

शहर के सिविल लाइन एरिया में कैश की सबसे ज्यादा कमी दिखी। यहां हालात ऐसे थे कि 90 फीसदी एटीएम बंद रहे। युनिवर्सिटी रोड पर लगे बैंक आफ बड़ौदा, पीएनबी और एसबीआइ के एटीएम में कैश नहीं मिल सका। जो लोग कैश लेने आए वह वापस लौट गए। कहीं-कहीं तो यह स्थिति रही कि लोग पांच-पांच किलोमीटर तक कैश की तलाश के लिए लोग चक्कर काटते रहे। शहर के अलोपीबाग, रामबाग, दारागंज, कचेहरी रोड आदि स्थानों में एटीएम में रुपये नहीं मिल सके। सिविल लाइन के एसबीआइ, बीओबी शाखाओं के एटीएम में दोपहर बाद रुपए डाले गए, लेकिन वह भी बामुश्किल दो घंटे ही चल सका।

सूत्रों का कहना है कि आरबीआई से कैश नहीं आने के कारण ये स्थिति पैदा हुई है। सूत्रों का कहना है की लोग कैश निकल तो रहजे हैं, मगर कैश वापस जमा नहीं हो रहा है। आरबीआई से भी कैश की सप्लाई नहीं के बराबर है। कैश की कमी के कारण साथ ही बैंको ने कैश की विथड्रावल लिमिट भी घाटा कर दस हज़ार रुपए कर दी है। जबकि आरबीआई ने 31 मार्च से विथड्रावल पर से लिमिट हटा कर अधिकतम दो लाख कर दी थी।

आरबीआई सूत्रों के मुताबिक़, ये स्थिति सिर्फ़ इलाहाबाद तक सीमित नहीं है। अगर ये हालत यूँ ही रहे तो ये समस्या पूरे राज्य में फ़ाइल सकती है। सूत्रों का कहना है की कैश के बैंक में वापस नहीं आने का साफ़ अर्थ है की कालाबाज़ारी फिर सक्रिय हो गए हैं।

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