औरंगाबाद दंगे: शिवसेना का नगरसेवक सहित 33 आरोपी गिरफ्तार

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मुंबई- औरंगाबाद शहर में आगजनी व तोड़फोड़ की घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। विशेष जांच दल अब तक 124 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। टीम ने इस घटना की जानकारी, सबूत देने की अपील की है। दो विशेष नंबर भी जारी किए गए हैं, जिस पर इस घटना से संबंधित सूचनाओं व जानकारियों को दर्ज कराया जा सकता है। इससे पहले पुलिस ने शिवसेना के नगरसेवक और पूर्व सभागृह नेता राजेन्द्र जंजाल को हिरासत में लिया है। उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
– विशेष जांच दल गठित और 124 लोगों से पूछताछ – 
इस मामले में एमआईएम नगरसेवक फिरोज खान को भी हिरासत में लिया है। हालांकि बताया जा रहा है कि पुलिस जब उसे पकड़ने पहुंची थी, तो वह चकमा देकर फरार हो गया था। मंगलवार देर रात को उसने कोतवाली पुलिस के सामने समर्पण कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने अब तक 33 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ अभी भी जारी है। औरंगाबाद शहर के शाहगंज, शाहबजार और राजाबाजार परिसर में शुक्रवार की देर रात्रि भीषण दंगा हो गया था। इस दंगे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई पुलिस अधिकारियों के घायल होने की खबर थी। इसमें से एक पुलिस अधिकारी को मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले की जांच के लिए औरंगाबाद पुलिस आयुक्तालय की ओर से विशेष जांच दल का गठन किया है। दंगा प्रकरण के कई संदिग्धों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो फूटेज की जांच के दौरान शिवसेना के नगरसेवक राजेंद्र जंजाल को भी पथराव करते पाया गया। उन्हें पुलिस ने गिरफ्ताल कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद शिवाजीनगर परिसर में दुकानों को बंद कर दिया गया। पुलिस जांच में कई राजकीय दलों के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है।  एमआईएम के नगरसेवक फिरोज खान को भी हिरासत में लिया गया है।
औरंगाबाद पुलिस आयुक्तालय की ओर से बताया गया कि पुलिस उपायुक्त डॉ. दीपाली धाटे-घाडगे की अध्यक्षता में विशेष जांच दल का गठन किया गया है। जांच दल ने घटनास्थल का दौरा कर स्थानीय नागरिकों से पूछताछ करना शुरू कर दिया है। परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य सूचनाओं को जमा किया जा रहा है। दंगे में शामिल 33 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि 124 लोगों से पूछताछ की गई है। प्रभारी पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने बताया कि पुलिस उपायुक्त डॉ. दीपाली धाटे-घाडगे की अध्यक्षता में जो एसआईटी गठित की गई है, उसमें सहायक पुलिस आयुक्त सी. डी. शेवगण, पुलिस निरीक्षक सुरेश वानखेडे, नाथा जाधव, अविनाश आघाव, श्रीकांत नवले, सहायक पुलिस निरीक्षक घनश्याम सोनवणे, अजबसिंह जारवाल, विजय घोरडे, पुलिस उपनिरीक्षक हेमंत तोडकर, योगेश धोंडे को शामिल किया गया है।
विशेष जांच दल ने दो व्हाट्सअप नंबर भी जारी किए हैं। पुलिस की ओर से जारी किए गए नंबरों 7741022222 और 8390022222 पर कोई भी घटना का प्रत्यक्षदर्शी या गवाह अपना बयान दर्ज करा सकता है अथवा दंगे से संबंधित वीडियो, व्हाट्सअप मैसेज व अन्य सूचनाओं को भेज सकता है। पुलिस जांच दल ने भरोसा दिया है कि इस नंबर पर भेजी जानेवाली सूचनाओं को गोपनीय रखा जाएगा और किसी भी गवाहों के बारे में कुछ नहीं बताया जाएगा।
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