औरंगाबाद दंगे को लेकर भड़का विपक्ष, मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा 

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मुंबई- औरंगाबाद दंगे को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है। विधान सभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने इसे सांप्रदायिक शक्तियों की साजिश करार देते हुए जनता से सतर्क रहने की अपील की है।

अफवाहों पर विश्वास न करे जनता- सीएम

औरंगाबाद में घटी घटना के संबंध में  मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि जनता अफवाहों पर विश्वास न करे। जनता शांति और संयम बनाए रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि औरंगाबाद शहर में सभी जगह शांति है।  शहर में अतिरिक्त पुलिस बल सुबह से ही तैनात कर दिया गया है। सभी समुदाय के लोगों को एकजुट कर शांति बनाए रखने का प्रयास है। कहीं अनुचित घटना न घटे इसके लिए पुलिस मुस्तैदी के साथ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर रही है। 
विखे पाटिल का आरोप है पुलिस ने समय रहते दखल नहीं ली, जिसके कारण शहर की परिस्थिती नियंत्रण से बाहर चली गई। इसके लिए गृह विभाग जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य के गृहमंत्री भी हैं। लिहाजा फडणवीस को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर इस्तीफा दे देना चाहिए।  औरंगाबाद का दंगा राज्य सरकार की सबसे बड़ी असफलता है। विखे पाटिल ने जनता से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। विखे पाटील के मुताबिक भीमा-कोरेगांव हिंसा में जो हुआ, वही औरंगाबाद की घटना में भी हुआ है। भीमा-कोरेगांव हिंसा के बाद  पुणे विभाग के विशेष पुलिस महानिरीक्षक, जिला पुलिस अधीक्षक को तत्काल निलंबित कर दिया जाना चाहिए था। परंतु सरकार ने उनका संरक्षण किया।
विखे पाटिल के अनुसार समय रहते  औरंगाबाद में स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने समन्वय स्थापित कर स्थिती संभालने की कोशिश की होती तो इतना उत्पात नहीं होता। दो महीने बीत जाने के बाद भी इतने बड़े शहर का पुलिस आयुक्त का पद रिक्त है। भाजपा अपराधियों को पार्टी में शामिल कर उन्हे राजाश्रय दे रही है। जिसका परिणाम राज्य को भुगतना पड़ रहा है। राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है।
शुक्रवार की रात पानी कनेक्शन काटे जाने के मामले को लेकर दो पक्षो में टकराव हो गया था। कहासुनी के बाद मारपीट हो गई और बाद में मामले ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस को स्थिती को नियंत्रण करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। उपद्ववियों ने 100 से अधिक वाहनों में आग लगा दी और जमकर आगजनी और पथराव किया। हिंसा में दो की मौत हो गई जबकि कई घायल हुए हैं। कई पुलिस जवानों को भी चोटें आई है। पुलिस ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी है।  शाहगंज और आस-पास के मोती कारंजा, गांधी नगर, राजा बाज़ार और नवाबपुरा मोहल्ले में दो पक्षों में टकराव हुआ था।
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