भट्टी ने अज़हर की अनशन ना करने की सलाह मानी!

Download PDF

हैदराबाद, पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान एवं पूर्व सांसद अजरुद्दीन ने भट्टी विक्रमारका से मुलाकात की और उन्हें 36 घंटों के अनशन पर ना जाने के लिए सलाह दी. तेलंगाना में 12 कांग्रेस विधायकों द्वारा पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ पार्टी टीआरएस में अवैध विलय के खिलाफ उनके अनशन को लेकर राज्य में राजनीति गरमा गई. भट्टी ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है.

राज्य में राजनीति गरमाई

राज्य विधानसभा में कांग्रेस के इस वरिष्ठ विपक्षी नेता ने आमरण अनशन की घोषणा की थी और वे धरना चौक पर जा बैठे थे. उनकी गिरती हुई हालत देख कर पुलिस ने उन्हें जबरन सरकारी अस्पताल में भर्ती करवा दिया है. इसके बावजूद उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अनशन के लिए उन्हें 36 घंटों की ही अनुमति दी गई थी; उसके आगे भी अनशन जारी रखने के कारण उन्हें धरना स्थल से हटाया जा चुका है.

हैदराबाद के सेंट्रल जोन पुलिस उपायुक्त पी विश्व प्रसाद ने कहा कि एक मेडिकल टीम द्वारा उनके स्वास्थ्य पर पूरी निगरानी रखी जा रही थी. उनके स्वास्थ्य को देखते हुए अजहरुद्दीन ने उनसे मुलाकात की इस मुलाकात में अजहरुद्दीन ने उनसे अनशन समाप्त करने की गुजारिश की. कांग्रेस के 12 विधायकों द्वारा अचानक पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ दल में शामिल होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने मुहर लगा दी है जिसे लेकर राजनीतिक तौर पर बड़ा हंगामा मच गया है. राज्य में कांग्रेस के कुल 19 विधायक थे जिनमें से 12 के बाहर जाने और सत्तारूढ़ दल में शामिल होने के कारण दल बदल कानून इस हालात में लागू हो जाता है. कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि किसी दल के 75 फ़ीसदी से अधिक विधायक अथवा सांसद किसी अन्य दल में शामिल होते हैं तो वह मामला दल बदल कानून के दायरे में आता हैl तेलंगाना में हुई इस घटना के बाद इस कानून का पालन न करने को लेकर हंगामा मचा हुआ है.

Download PDF

Related Post