इतना नंगापन, फिर भी बेफिक्रे को यूए सर्टिफिकेट क्यों?

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रणवीर सिंह, वाणी कपूर और उनके चुंबन और बेडरूम सीन्स की भरमार और रणवीर सिंह की फूहड़ नग्नता के बावजूद यशराज की फिल्म “बेफिक्रे” को फिल्म सेंसर बोर्ड द्वारा दिए यूए सर्टिफिकेट से फिल्म इंडस्ट्री में हड़कंप मचा हुआ है।

फिल्म हीरो और हिरोइन के बीच अंतरंग दृष्यों और चुंबनों से भरी हुई हैं। 27 चुंबन के अलावा रणवीर सिंह ने नग्न नितंबों का भी प्रदर्शन किया है।

आश्चर्य की बात ये है कि सीबीएफसी प्रमुख पहलाज निहलानी, जो अभी तक “होमोसेक्सयुअल” जैसे शब्दों को भी फिल्मों से क़तर रहे थे, समाज में शालीनता बरकरार रखने के लिए फिल्मों पर कैचियाँ चला रहे थे, “बेफिक्रे” को यूए सर्टिफिकेट देने के अपने फैसले को ये कह कर जायज़ ठहराते फिर रहे हैं कि “बेफिक्रे” अकेले चुंबन के बारे में नहीं हैं, फिल्म प्रेम के इज़हार के बारे में है और चुंबन बस प्यार के प्रदर्शन का तरीका मात्र है, इसमें उत्तेजना नहीं है। अपनी दलील में उन्होंने आगे कहा कि यह चूंकि चुंबन वाले दृश्य लॉन्ग शॉट्स में हैं, इसलिए वे बुरे नहीं लगते।

निहलानी फिल्म के निर्देशक आदित्य चोपड़ा के “सुंदर चित्रण” के लिए भूरी-भूरी प्रशंसा करने से भी नहीं चूके हैं। सवाल उठता है कि ये दोहरा मापदंड क्यों?

हाल में रिलीज़ कई फिल्मों पर निहलानी ने कैंची चलायी थी।

‘फोर्स-2’ के दो एक्शन दृश्यों को नष्ट कर दिया था।

‘बार बार देखो’ में कटरीना के ब्रा वाला दृश्य हटाने पर अड़ गए।

‘उड़ता पंजाब’ में तो भाषा को लेकर ही उन्हें बुहत भयानक समस्या थी।

हंसल मेहता की फिल्म में लेस्बियन और समलैंगिक शब्द पर भी उनकी सेंसर बोर्ड ने खासी आपत्ती जताई।

‘जय गंगाजल’ में उन्हें अपमानजनक भाषा से भी नाराज़गी थी।

एक ‘बॉन्ड’ फिल्म से तो वे चुंबन हटवा कर ही माने थे।

‘फ्रीकी अली’ में उन्हें अंडरवियर से आपत्ति थी।

इसके ठीक उलट ‘बेफिक्रे’ में रणवीर सिंह लाल रंग की चड्डी पहने नाचते रहे… अपने नग्न नितंबों का खुला प्रदर्शन करते रहे… मगर पहलाज निहलानी को ये सब “सामाजिक और पारिवारिक” लगा।

वाह पहलाज निहलानी साहब… लगता है आपके पारिवारिक मूल्य “फ़िल्मी परिवारों” के लिए अलग-अलग हैं।

अपने फैसले को जायज ठहराते हुए भी आपको शर्म नहीं आती। छोटे-छोटे बच्चों, अपनी माँ-बहन के साथ पारीवारिक, रोमांटिक फिल्म देखने आए लोग बगले झाँक रहे थे। जो फिल्म ए सर्टीफिकेट के साथ रीलीज होनी चाहिए थी, उसे आप यूए देते हैं।

अपनी मां-बहन के साथ एक बार “बेफिक्रे” देखने ज़रूर जाएं, आपमें ज़रा सी भी शराफत या तहज़ीब बाकी है तो आपकी आंखे शर्म से ज़रूर झुक जाएंगी।

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