भगवत गीता को लेकर सियासी बवाल

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मुंबई। उच्च शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने स्पष्ट किया है कि कॉलेजों में श्रीमद भगवत गीता मुफ्त में बांटे जाने के मामले से सरकार का कोई वास्ता नहीं है। भक्ति वेदांत बुक ट्रस्ट, भिवंडी के मार्फत भगवत गीता संच के 18 वें खंड को कॉलेजों में मुफ्त बांटा गया है, जिससे सरकार का कोई संबंध नहीं है।
भगवत गीता बांटने के मामले से सरकार का संबंध नहीं- तावड़े  
तावड़े ने कहा कि भगवत गीता सरकार की ओर से नहीं बांटी गई है। भक्तिवेदांत ट्रस्ट ने भगवत गीता कॉलेजों में मुफ्त में बांटने का सरकार को प्रस्ताव दिया था। परंतु सरकार ने भगवत गीता नहीं बांटी। सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आदेश अथवा परिपत्र नहीं जारी किया गया है। केवल कॉलेजों की सूची ट्रस्ट को उपलब्घ कराई गई थी। ट्रस्ट ने अपनी तरफ से भगवत गीता बांटी। सरकार की ओर से कोई निधि ट्रस्ट को नहीं दी गई थी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस, राष्ट्रवादी और समाजवादी पार्टी के विधायक गलत प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भगवत गीता गलत है, उसे बांटना गलत है। विपक्ष इस पर अपनी भूमिका स्पष्ट करे, इसके बाद हम अपना पक्ष रखेंगे। तावड़े ने कहा यदि कोई कुरानस वाइबिल बांटने का अनुरोध करेगा, तो उसे अनुमति दी जाएगी।
इधर कांग्रेस, एनसीपी और सपा ने बगवत गीता बांटे जाने पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि सरकार धार्मिक तनाव निर्माण करना चाहती है। सपा विधायक अबू आसीम आजमी के मुताबिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ने नैक द्वारा ए और ए + की श्रेणी वाले कालेजों में भगवत गीता रखने और विद्यार्थियों में भगवत गीता की प्रतियां बांटने का फैसला किया है। भाजपा सरकार ने एक टीम बनाकर रखी है जो रिसर्च कर रही है कि कौन -कौन से मुद्दे लाये जाएं, जिससे मतों का ध्रुवीकरण हो और २०१९ के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत हो। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है, तभी से देश के ज्वलंत मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अनाप-शनाप आदेश दिए जा रहे है। आजमी ने कहा कि अगर शिक्षा विभाग को भगवत गीता बांटना ही था तो शिक्षा विभाग को कुर्रान, बाइबिल,गुरुग्रंथ साहब और बौद्धधर्म से संबंधित धर्म ग्रंथों को भी कालेजों के पुस्तकालयों में रखा जाए। आजमी ने उक्त आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए शिक्षा विभाग से संयुक्त सचिव को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। यदि शिक्षा विभाग अपना  आदेश वापस नहीं लेता है तो आजमी ने आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
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