आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने की आत्महत्या, अनुयायियों में शोक

Download PDF
मुंबई- आध्यात्मिक गुरु एवं संत भय्यूजी महाराज ने मंगलवार को इंदौर के खंडवा रोड स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से अपने सिर में गोली मारी थी। उन्हें फौरन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इंदौर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भय्यूजी महाराज का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिससे साफ हो रहा है कि वे काफी तनाव में थे। प्राथमिक अनुमान है शायद तनाव की वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट और रिवाल्वर पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। सभी पहलुओं से मामले की जांच पुलिस कर रही है।
भय्यूजी महाराज उर्फ उदयराव देशमुख घटना के समय अपने मकान की पहली मंजिल पर थे, जहां उन्होंने अपने सिर में गोली मारी। गोली की आवाज सुनने के बाद उनके आवास में मौजूद लोग उनके कमरे की ओर दौड़े। लहूलुहान भय्यूजी महाराज को इंदौर के बॉम्बे अस्पताल पहुंचाया गया। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन उनका निधन हो गया। भय्यूजी महाराज का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिससे साफ हो रहा है कि वे काफी तनाव में थे। प्राथमिक अनुमान है शायद तनाव की वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट और रिवाल्वर पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। सभी पहलुओं से मामले की जांच पुलिस कर रही है। परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी। इधर भय्यूजी के निधन से उनके अनुयायियों में और राजनीति क्षेत्र में शोक की लहर है।
विदेश दौरे पर गए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संत भय्यूजी महाराज को श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज के निधन से सामाजिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। भय्यूजी महाराज के आध्यात्मिक विचारधारा का मुख्य उद्येश्य लोकसेवा ही था। उन्होंने सुर्योदय परिवार के माध्यम से समाजहित के लिए कई परियोजनाएं शुरु की थी। इनमें जलसंधारण, भूमि सुधार, शिक्षा, सामूहिक विवाह आदि का समावेश था। भैय्यू महाराज की ओर से किए गए जलसंधारण के कार्यों की वजह से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में हजारों हेक्टर जमीन सिंचाई क्षेत्र के दायरे आ सकी है।
केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने कहा कि भय्यूजी महाराज से उनके अत्यंत नजदीकी संबंध थे। उनके निधन से उन्हें बहुत दुख हुआ है । विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि भय्यूजी महाराज का महाराष्ट्र के विकास में बहुत ज्यादा योगदान रहा है। वह हमेशा विकास की बात किया करते थे। उनके निधन से सामाजिक, आध्यात्मिक विकासकार्य प्रभावित होंगे। विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृषण विखे पाटिल ने कहा है भैय्युजी महाराज के निधन की खबर दिल दहला देनेवाली और अविश्वसनीय है। उनके निधन से  अध्यात्मिक क्षेत्र की महाराष्ट्र की विरासत चली गई है। भैय्युजी महाराज के अध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र बड़ा योगदान था। निऱाशा में नई उम्मीद जगाने की विराट क्षमता उनमें थी। समाज के सभी घटकों के साथ भय्युजी महाराज के गहरे और मित्रतापूर्ण संबंध थे। पूरे भारत में उन्होंने अपना चहेता वर्ग बनाया था। विखे पाटिल परिवार से भी उनके नजदीकी संबंध थे। उन्होंने कई बार भय्यूजी महाराज से मुलाकात की थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रावसाहेब दानवे पाटिल ने भी शोक जताया है। दानवे पाटिल ने कहा है भय्यूजी महाराज के निधन से सामाजिक क्षेत्र में खाई निर्माण हो गई है। आध्यात्म में रूचि होने के कारण उन्होंने कार्पोरेट जगत का अच्छा कैरियर और मॉडलिंग क्षेत्र छोड़ दिया था। अध्यात्मिक क्षेत्र में साधना करते समय उन्होंने खुद को समाजसेवा में झोंक दिया। आत्महत्या करनेवाले किसानों के बच्चों की शिक्षा, मराठवाडा के सूखाग्रस्त इलाकों को मदद, जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जैसे कई सामाजिक कार्य उन्होंने किए। कई नामचीन हस्तियां उनकी भक्त थी। समाज में अपने स्थान का सदुपयोग उन्होंने उपेक्षितों की सेवा के लिए किया। किसान और ग्रामीण इलाकों से वे बेहद प्रेम करते थे।
Download PDF

Related Post