भीमा-कोरेगांव हिंसा : भिड़े को मुख्यमंत्री ने दी क्लीनचिट

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मुंबई। भीमा-कोरेगांव के आरोपी संभाजी भिड़े उर्फ गुरुजी को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने क्लीनचिट दी है। हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा है भीमा-कोरेगांव मामले में अभी तक की गई जांच में शिव प्रतिष्ठान के प्रमुख भिड़े के खिलाफ अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है। मामले की जांच जारी है। घटना के लिए जो कोई भी जिम्मेदार होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। सभी सबूतों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री मंगलवार को विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर हुई चर्चा पर जवाब दे रहे थे।
विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिलिंद एकबोटे को गिरफ्तार नहीं किया गया है। अदालत ने एकबोटे को गिरफ्तार न करते हुए जांच करने को कहा था। हम कस्टोडियल इंट्रोगेशन में लेना चाहते थे। संभाजी भिड़े के मामले में एक महिला ने शिकायत की थी। शिकायत में महिला ने कहा था कि वह गुरुजी को पहचानती है, लेकिन जांच में गुरुजी के खिलाफ एक भी सबूत नहीं मिले। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने गुरुजी को नहीं देखा था। उनकी कहीं भी घटनास्थल पर मौजदूगी या फोन पर चर्चा के सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि जांच अभी जारी है। भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने फेसबुक पोस्ट सहित कुछ नए सबूत दिए हैं। इसकी भी जांच कराई जाएगी। 
13 करोड़ 70 लाख रुपए का नुकसान 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमा-कोरेगांव में पुलिस ने पर्याप्त बंदोबस्त किया था। पत्थरबाजी में 31 दिसंबर को एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद हुई हिंसा में 17 लोगों पर एट्रोसिटी के मामले सहित 722 अन्य कानून के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। कुल 1 हजार 199 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 254 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कानून के तहत कार्रवाई की गई है। हिंसा की वजह से 13 करोड़ 70 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। भीमा-कोरेगांव घटना की वीडियो क्लिप पुलिस के पास मौजूद है। सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ केस दाखिल किए गए हैं। 
 
जस्टिस लोया मामले में हो रही है सियासत
जस्टिस लोया मामले मुख्यमंत्री ने कहा कि ”कारावां” पत्रिका में मनगढ़ंत छपी रिपोर्ट के बाद राजनीति शुरू हो गई। जस्टिस लोया के बेटे ने खुद कहा है कि कुछ लोग इसे लेकर सियासत कर रहे हैं। एम्स के डॉक्टर ने पत्रिका की रिपोर्ट को गलत ठहराया है। इस मामले में बड़े-बड़े 8से 9 वकील पैरवी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है, सच्चाई सामने आ जाएगी।     
   
अपराध में नंबर वन नहीं है प्रदेश     
महाराष्ट्र अपराध में पहले पायदान पर है, विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में राज्य देश में 13 वें नंबर पर है, जबकि दुष्कर्म के मामलों में 15 वें नंबर पर है। यह चिंता की बात हो सकती है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हत्या के 21 प्रतिशत, सशत्र डकैती के 9 फीसदी मामले कम हुए हैं। चोरी और वाहन चोरी के मामले बढ़े हैं। कानून में बदलाव की वजह से बलात्कार के पंजीकृत मामलों की संख्या बढ़ी है। अब छेडछाड़ के मामलों को भी दुष्कर्म के दायरे में रखा गया है। दुष्कर्म के 97 प्रतिशत मामलों में जान-पहचान के लोग शामिल होते हैं। दोषसिद्धि में इजाफा हुआ है। नागपुर को क्राइम कैपिटल बताने का प्रयास हो रहा है, लेकिन नागपुर में अपराध घटे हैं। अपने नाम के फेसबुक पेज के संबंध में उन्होंने कहा कि वह मेरा अधिकृत एकाउंट नहीं है। 
 
सनातन पर पाबंदी का प्रस्ताव विचाराधीन 
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सतातन संस्था पर पाबंदी लगाने के लिए वर्ष 2012 में राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। उन दिनों केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, जिसने प्रस्ताव को खारिज कर दिया। वर्ष 2015 में सरकार ने नए सबूत के साथ प्रस्ताव भेजा है, फिलहाल यह मामला केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है।  
 
शुरू होगी 122 नंबर सेवा 
मुख्यमंत्री ने कहा कि डायल 122 नंबर शुरू किया जाएगा। इसके तहत जिस नंबर से फोन आया, वहां कितने समय में पुलिस वाहन पहुंचा, इसकी जानकारी मिल सकेगी। मुंबई में एकीकृत यातायात प्रबंधन सिस्टम लागू किया जाएगा। हर पुलिस स्टेशन में स्वागत कक्ष की तरह विजटरी मैनजमेंट सिस्टम शुरू होगा। 
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