आखिरकार भुजबल को मिली जमानत 

Download PDF
मुंबई- महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल को आखिरकार बांबे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।  महाराष्ट्र सदन घोटाले और मनी लॉन्डरिंग मामले में भुजबल पिछले दो साल से जेल में बंद थे। उन्हें पांच लाख रुपए के मुचलके पर जमानत दी गई है।
जमानत मिलने के बाद एनसीपी कार्यकर्ताओं खासकर भुजबल समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। भुजबल समर्थकों ने जमकर नारे लगाए और पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। नाशिक, मनमाड, धुलिया और इगतपुरी में बड़ी संख्या में भुजबल समर्थक हैं। यहां जमकर आतिशबाजी की गई और मिठाईयां बांटकर भुजबल समर्थकों ने अपनी खुशी का इजहार किया। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि सही अर्थों में भुजबल को न्याय मिला है। वे न केवल हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं बल्कि हमारे परिवार के सदस्य भी हैं।
भुजबल ने बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की अर्जी दाखिल की थी। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भुजबल की जमानत के पक्ष में नहीं था। ईडी की ओर से दलील दी गई कि जमानत मिली तो भुजबल जेल से बाहर आकर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। अदालत ने ईडी की दलील को नामंजूर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्डिरंग की धारा 45 को नियमबाह्य कर दिया है, इसका फायदा भुजबल को मिला है। न्यायाधीश पीएन देशमुख ने भुजबल को जमानत दी। याद दिला दें कि 14 मार्च 2016 को ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में भुजबल को गिरफ्तार किया था। मुंबई की विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट ने भुजबल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने बांबे हाई कोर्ट में जमानत की गुहार लगाई थी। दो साल बाद भुजबल को राहत मिली है। तकरीबन 71 साल के भुजबल इससे पहले कई बार जमानत के लिए अर्जी दे चुके थ, लेकिन उसे मंजूर नहीं किया गया।
समर्थकों ने मनाया जश्न 
जमानत मिलने के बाद एनसीपी कार्यकर्ताओं खासकर भुजबल समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। भुजबल समर्थकों ने जमकर नारे लगाए और पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। नाशिक, मनमाड, धुलिया और इगतपुरी में बड़ी संख्या में भुजबल समर्थक हैं। यहां जमकर आतिशबाजी की गई और मिठाईयां बांटकर भुजबल समर्थकों ने अपनी खुशी का इजहार किया। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि सही अर्थों में भुजबल को न्याय मिला है। वे न केवल हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं बल्कि हमारे परिवार के सदस्य भी हैं। अब उनका मार्गदर्शन हमें मिलेगा। पार्टी आखिरी क्षणों तक भुजबल के साथ रहेगी। सिंचाई घोटाले में पार्टी नेता अजित पवार और सुनील तटकरे को जेल में डालने की बात पर सुप्रिया ने भाजपा को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि भाजपा पर सत्ता की मस्ती चढ़ गई है।
न्याय मिलने की शुरूआत 
पार्टी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि वे अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं। भुजबल को अब न्याय मिलना शुरू हुआ है। उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। वे निर्दोष साबित होंगे। मलिक ने कहा कि सरकारी वकील पक्ष रख रहे थे कि भुजबल जेल से बाहर आने के बाद गवाहों को धमकाएंगें। इससे सरकार की मंशा साफ हो गई है। भाजपा कहती है कि सिंचाई घोटाले में तटकरे और पवार को भी जेल भेजा जाएगा। इस पर मलिक ने कहा कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग करके लोगों को फंसाती रही है।
भुजबल को मिली जमानत सामान्य कानूनी प्रक्रिया- भाजपा
मुंबई- महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा है कि पूर्व मंत्री छगन भुजबल को मिली जमानत कानून की एक सामान्य प्रक्रिया है। जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि कोर्ट ने भुजबल को निर्दोष छोड़ दिया है।
भंडारी के मुताबिक भुजबल को कोर्ट ने पिछले दो वर्षों तक जमानत नहीं दी थी और उनकी जमानत अर्जी को रद्द कर दिया था। इसका सीधा अर्थ है  भुजबल के विरुद्ध लगाए गए आरोपों में सच्चाई है। आम तौर पर गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत दी जाती है और यह उस व्यक्ति अधिकार ही है। शायद भुजबल की उम्र व उनकी बीमारी को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें जमानत दी हो। भंडारी ने कहा कि भुजबल को मिली जमानत का अर्थ कत्तई नहीं लगाया जाना चाहिए कि घोटाले के आरोपों की जांच प्रक्रिया ढीली पड़ गई है। राज्य सरकार सिंचाई घोटाले सहित अन्य घोटालों की सघन जांच करेगी और आर्थररोड जेल में भुजबल के पड़ोस की सभी कोठरियों को भरा जाएगा।
Download PDF

Related Post