भुजबल को करना होगा इंतजार, समर्थक मिलने को बेकरार

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मुंबई- एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल को जमानत मिल गई है, लेकिन वे केईएम अस्पताल में ईलाज करा रहे हैं। इधर समर्थक उनसे मिलने के लिए बेकरार हैं। सोमवार को नाशिक के एनसीपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं नें अस्पताल जाकर भुजबल से मुलाकात की। समर्थकों ने शाल और बड़ा हार पहनाकर तथा नाशिक के मशहूर हलवाई बुधा का लड्डू खिलाकर उनका सम्मान किया। हालांकि भुजबल परिवार की ओर से कार्यकर्ताओं को संयम बरतने के साथ ही अस्पताल न आने की अपील की गई है।
भुजबल को छह-सात दिन ईलाज के लिए अस्पताल में रूकना पड़ सकता है। इससे पहले चर्चा थी कि भुजबल सोमवार को कार्यकर्ताओं से फेसबुक के माध्यम से लाइव संवाद स्थापित करेंगे। मलिक के मुताबिक तबीयत को देखते हुए यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। डॉक्टरों की सलाह पर ही, वे घर जाने का निर्णय लेगें।
एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक भी भुजबल से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने डॉक्टरों के हवाले से बताया कि भुजबल को छह-सात दिन ईलाज के लिए अस्पताल में रूकना पड़ सकता है। इससे पहले चर्चा थी कि भुजबल सोमवार को कार्यकर्ताओं से फेसबुक के माध्यम से लाइव संवाद स्थापित करेंगे। मलिक के मुताबिक तबीयत को देखते हुए यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। डॉक्टरों की सलाह पर ही, वे घर जाने का निर्णय लेगें। बीते शनिवार को विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने अस्पताल जाकर भुजबल से मुलाकात की थी। मुंडे ने कहा था कि दो दिन बाद भुजबल को घर जाने की अनुमति मिल जाएगी। सोमवार से भुजबल फिर से सक्रिय राजनीति की वापसी करेंगे।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भुजबल किस घर पर जाएंगे। इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। मनी लॉन्डरिंग और महाराष्ट्र सदन घोटाले के आरोप में भुजबल पिछले दो साल से आर्थर रोड जेल में बंद थे। पिछले शुक्रवार को बांबे हाई कोर्ट से पांच लाख रुपए के नीजि मुचलके पर भुजबल को सशर्त जमानत मिली। ईडी के बुलाए जाने पर ईडी कार्यालय में उपस्थित रहने, गवाहों को प्रभावित न करने की शर्त पर भुजबल की जमानत अर्जी कोर्ट ने मंजूर की है।  भुजबल को 14 मार्च 2016 को ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। मुंबई की विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट ने भुजबल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने बांबे हाई कोर्ट में जमानत की गुहार लगाई थी।
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