भाजपा ने दी शरद पवार को चुनाव न लड़ने की सलाह

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मुंबई। एनसीपी मुखिया व पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। बताया जाता है कि पार्टी नेताओं की मांग पर पवार ने यह इच्छा जताई है। इधर भाजपा के वरिष्ठ नेता  और राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने पवार को बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए चुनाव न लड़ने की सलाह दी है। 

बढ़ती उम्र का का दिया हवाला !

पाटिल ने कहा है कि पवार चुनाव न लड़े अन्यथा जिस संसदीय सीट से वे चुनाव लड़ेगें, यदि वह सीट भाजपा के पाले में आ गई तो पवार की पराजय निश्चित है। पाटिल के मुताबिक पवार साहब छोटे से छोटे कार्यकर्ता का विचार करते हैं। एक संसदीय सीट में तकरीबन 600 गांव आते हैं। इतने बड़े क्षेत्र में पवार का घूमना मुश्किल है। लिहाजा वे चुनाव न लड़े तो ही बेहतर है। यदि फिर भी वे चुनाव लड़ेगें तो भाजपा उन्हें पराजित करेगी। इस दौरान पाटिल ने बताया कि प्रदेश के सभी इलाकों का जायजा लिया गया है। जिन गांवों में पानी का संकट हैं, वहां टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को परेशानी न हो इसलिए एक हजार गांवों में 10 हजार लीटर क्षमतावाली पानी की टंकियां बिठाई जाएंगी। वर्तमान में 1688 गांवों में  टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। इन गांवों में टैंकर पहुंचते ही महिलाओं में आपाधापी मच जाती है। इसे देखते हुए उपसमिति में सूखाग्रस्त एक हजार गांवों में पानी की टंकी स्थापित करने का निर्णय किया है। टैंकर से पानी सीधे टंकी तक पहुंचाया जाएगा और टंकी में लगे 10 नलों से महिलाएं पानी ले सकेंगी। इसका सार खर्च राज्य सरकार उठाएगी।  

पाटिल के मुताबिक उस्मानाबाद, जालना, बीड, परभणी, अहमदनगर और औरंगाबाद इन छह जिलों में 8 गोशाला के माध्यम से चारा छावनियां शुरू की गई हैं। इनमें अब तक 7 हजार 357 पशू शामिल हुए हैं। सूखे को देखते हुए जानवरों के लिए चारे की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। अब सूखाग्रस्त जिलों में मंडल स्तर पर चारा छावनी शुरू किए जाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की उपसमिति ने राज्य के सूखाग्रस्त एक हजार गांवों में 10 हजार लीटर पेयजल क्षमता वाली पानी की टंकियां स्थापित करने का निर्णय किया है। मंत्रालय में शुक्रवार को हुई उपसमिति की बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील, दुग्ध विकास एवं पशु संवर्धन मंत्री महादेव जानकर, राज्यमंत्री अर्जुन खोतकर, अपर मुख्य सचिव मेधा गाडगिल समेत कई प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।

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