राम मंदिर तो बहाना है, चुनावी निशाना है – कांग्रेस 

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मुंबई- कांग्रेस ने देश छोड़कर फरार हुए विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे लोगों का हवाला देते हुए भाजपा सरकार पर तंज कसे हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा है  यह सरकार वायरस से ग्रस्त हो गई है, इसे फारमेट मारकर डिलीट किया जाए। उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में पराजय को देखते हुए भाजपा-शिवसेना ने फिर से राम मंदिर के मुद्दे को तूल दिया है।   

भाजपा-शिवसेना सरकार की कड़ी आलोचना

नांदेड़ के नायगांव में जनसंघर्ष यात्रा को संबोधित करते हुए विखे पाटिल ने भाजपा-शिवसेना सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगले चुनावों में हार को देखते हुए भाजपा-शिवसेना ने राम मंदिर के मुद्दे को उठाया है। उनकी समझ यह है कि लोग राम के नाम पर उनके लिए मतदान करेंगे। लेकिन अब लोग समझदार हो गए हैं। भाजपा -शिवसेना सरकार के कार्यकाल के दौरान, पिछले चार वर्षों में विकास नहीं देखा गया। अच्छे दिन नहीं आए। 15 लाख ऱुपए लोगों के खाते में जमा नहीं हुए। हर साल दो करोड़ नौकरियां प्राप्त नहीं हुई। पेट्रोल और डीजल सस्ते नहीं हैं। पाकिस्तान को सबक नहीं सिखाया है। देश के नागरिक फिर से भाजपा पर भरोसा नहीं करेंगे। लिहाजा देश की सभी समस्याओं को छोड़कर, सरकार ने राम-राम शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे लोग नियमों और कानून को ठेंगा दिखाते हुए हजारों करोड़ रुपए लेकर फरार हो गए। सरकार  कुछ नहीं कर सकी। परंतु किसानों की मदद करने में सरकार को नियम और शर्ते याद आती हैं। इस सरकार को शर्तों और नियमों का वायरस हो गया है। आगामी चुनाव में किसान फारमेट मारकर इस सरकार को डिलीट करें। विखे पाटिल ने कहा कि तूअर दाल, बोंडअली का पैसा हो, सूखा या फिर किसान कर्जमाफी का मसला हो, हर बार किसानों पर नियमों और शर्तो की सख्ती दिखाई जाती है। भाजपा-सरकार की तुलना अंग्रेजी हुकूमत से करते हुए विखे पाटिल ने कहा कि अंग्रेजों ने मराठावाडा पर  अन्याय और अत्याचार किया। भाजप-शिवसेना सरकार भी मराठवाडा सहित पूरे देश में अन्याय और अत्याचार कर रही है। उन्होंने राज्य में सूखा घोषित कर प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपए आर्थिक मदद और इस साल खरीफ फसल के लिए गए कर्ज को माफ करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण मंत्री रामदास कदम को भी खरी-खोटी सुनाई।
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