भाजपा-शिवसेना गठबंधन पर मीडिया से दूरी बनाकर रहेगी भाजपा

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मुंबई। वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा है कि भाजपा-शिवसेना के गठबंधन की जानकारी मीडिया को नहीं दी जाएगी। दोनों पार्टियों को कहना है वे गठबंधन के मुद्दे पर मीडिया से दूरी बनाए रखेंगे, क्योंकि मीडिया की भ्रामक खबरों से दोनों दलों के बीच दरार पैदा हो रही है। 

भ्रामक खबरों से होने वाले नुक़सान से बचाने का अनूठा तरीक़ा!

वित्त मंत्री मुनगंटीवार के मुताबिक दोनों दलों के बीच होने वाली चर्चा की जानकारी मीडिया को नहीं दी जाएगी। मीडिया को चुनावी गठजोड़ के मुद्दे से दूर रखा जाएगा। पुराने मित्र भाजपा और शिवसेना का चुनावी समझौता तय है। याद दिला दें कि शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने दम पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। शिवसेना के मुखपत्र सामना में मोदी और फडणवीस सरकार की आलोचनाएं की जाती रही हैं। उद्धव भी सार्वजनिक मंचों से मोदी और फडणवीस सरकार की बुरा-भला कहते रहते हैं। हाल में शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने प्रियंका गांधी को कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने पर बधाई दी है। इससे भाजपा के माथे पर और शिकन बढ़ गई है। दूसरी ओर खबरें आ रही हैं कि शिवसेना लोकसभा की आधी-आधी सीटों पर भागीदारी चाहती है। साथ ही मुख्यमंत्री का पद भी अपने कोटे में चाहती है।  

इधर भाजपा के वरिष्ठ नेता व राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल की मानें तो भाजपा- शिवसेना का गठबंधन पक्का है। दोनों दलों में सकारात्मक बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि कोल्हापुर संसदीय सीट शिवसेना के खाते में रहेगी। शिवसेना उम्मीदवार को चुनकर लाने की जिम्मेदारी उनकी और भाजपा कार्यकर्ताओं की है। उल्लेखनीय है कि विपक्षी दल कांग्रेस और एनसीपी की एकजुटता भाजपा को परेशान किए हुए है। शिवसेना की बेरूखी के बाद भी भाजपा को उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव दोनों दल मिलकर लड़ेगें। भाजपा एनडीए गठबंधन के अन्य घटक दलों के साथ ही शिवसेना को भी साथ रखने की जद्दोजहद में जुटी हुई है। यदि शिवसेना एनडीए गठबंधन से दूर होती है तो भाजपा को महाराष्ट्र में मराठी भाषी वोटबैंक का नुकसान हो सकता है। 


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