मनपा बजट: कहां कितना खर्च

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 मुंबई- देश की सबसे धनाढ्य मुंबई महानगरपालिका ने सोमवार को शिक्षा के लिए 2733.77 करोड़ रूपए का बजट पेश किया गया। मनपा के अतिरिक्त आयुक्त आबासाहेब जराड़ ने मनपा के शिक्षा समिति के अध्यक्ष मंगेश सातमकर के समक्ष बजट पेश किया, जो  पिछले वर्ष की तुलना इस बार 164.42 करोड़ रुपए अधिक है।

मुंबई मनपा का 2733 करोड़ रुपए का बजट, स्कूलों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, उपनगर में बनेगा विज्ञान भवन – तकनीकी शिक्षा पर जोर


पिछले वर्ष 2569.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। पिछले वर्ष की राशि में से 378.66 करोड़ रुपये खर्च नहीं किया गया। बजट में राजस्व खर्च के लिए 2473.13 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है और पूंजी खर्च के लिए सिर्फ 260.64 करोड़ रुपए का प्रावधान है। पिछले वर्ष राजस्व खर्च 1952.53 करोड़ रुपए था। वर्तमान बजट में यह खर्च बढ़कर 2473. 13 करोड़ रुपए पहुंच गया है। पिछले वर्ष की तुलना में शिक्षा विभाग का राजस्व खर्चा कम हुआ है। वर्ष 2018-19 में आय 2183.71 रुपए दिखाई गई थी। परंतु वास्तव में 1952.53 करोड़ रुपए जमा हुए थे। राजस्व प्राप्ति 385.64 करोड़ दिखाया गया था। वह भी कम होकर 238.16 करोड़ रुपए हो गया है। 
स्कूली बच्चों को विज्ञान में रुचि बढ़े इसके लिए विज्ञान भावन बनानै की शुरुआत पिछले साल की गई थी जो कि मुंबई के शहर में बनाया गया था । उपनगर के बच्चों को शहर में आने को लेकर होने वाली तकलीफ को देखते उपनगर में भी विज्ञान भवन बनाया जाएगा। भ्रष्टाचार की रोकने के लिए बच्चो को वस्तुएं न देकर उन्हें नकद पैसा बैंक खाते में जमा किया जाएगा। मनपा स्कूली बच्चों को 27 वस्तुएं मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती है जिसमें खराब सामाग्री देने और भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ई लर्निंग डिजिटल क्लास रूम टॉय लायब्रेरी नई बालवाड़ी मिनी सायन्स सेंटर्स डेस्क और बेंच व्हरच्युअल क्लास रूम दिव्यांग बच्चो को सेवा सुविधा देने के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।  

मुंबई- देश की सबसे धनाढ्य मुंबई महानगरपालिका ने सोमवार को शिक्षा के लिए 2733.77 करोड़ रूपए का बजट पेश किया गया। मनपा के अतिरिक्त आयुक्त आबासाहेब जराड़ ने मनपा के शिक्षा समिति के अध्यक्ष मंगेश सातमकर के समक्ष बजट पेश किया, जो  पिछले वर्ष की तुलना इस बार 164.42 करोड़ रुपए अधिक है।
पिछले वर्ष 2569.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। पिछले वर्ष की राशि में से 378.66 करोड़ रुपये खर्च नहीं किया गया। बजट में राजस्व खर्च के लिए 2473.13 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है और पूंजी खर्च के लिए सिर्फ 260.64 करोड़ रुपए का प्रावधान है। पिछले वर्ष राजस्व खर्च 1952.53 करोड़ रुपए था। वर्तमान बजट में यह खर्च बढ़कर 2473. 13 करोड़ रुपए पहुंच गया है। पिछले वर्ष की तुलना में शिक्षा विभाग का राजस्व खर्चा कम हुआ है। वर्ष 2018-19 में आय 2183.71 रुपए दिखाई गई थी। परंतु वास्तव में 1952.53 करोड़ रुपए जमा हुए थे। राजस्व प्राप्ति 385.64 करोड़ दिखाया गया था। वह भी कम होकर 238.16 करोड़ रुपए हो गया है। 
स्कूली बच्चों को विज्ञान में रुचि बढ़े इसके लिए विज्ञान भावन बनानै की शुरुआत पिछले साल की गई थी जो कि मुंबई के शहर में बनाया गया था । उपनगर के बच्चों को शहर में आने को लेकर होने वाली तकलीफ को देखते उपनगर में भी विज्ञान भवन बनाया जाएगा। भ्रष्टाचार की रोकने के लिए बच्चो को वस्तुएं न देकर उन्हें नकद पैसा बैंक खाते में जमा किया जाएगा। मनपा स्कूली बच्चों को 27 वस्तुएं मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती है जिसमें खराब सामाग्री देने और भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ई लर्निंग डिजिटल क्लास रूम टॉय लायब्रेरी नई बालवाड़ी मिनी सायन्स सेंटर्स डेस्क और बेंच व्हरच्युअल क्लास रूम दिव्यांग बच्चो को सेवा सुविधा देने के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।  

मनपा स्कूलों की ओर से आकर्षण बढ़े इसके लिए अंतरराष्ट्रीय
विद्यालय शुरू करने का निर्णय लिया गया है। स्कूलो की गुणवत्ता का मूल्यांकन नाबेट नामक संस्था  के द्वारा किया जाएगा।।मनपा प्रशासन बच्चो की शिक्षा के साथ साथ तकनीकी शिक्षा देने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए टिंकर लैब की शुरुआत की जाएगी। 
मनपा स्कूली बच्चों को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का उपयोग कर थ्रीडी डिजाइनिग और प्रिंटिंग के साथ इलेक्ट्रॉनिक रोबोट बनाना मोबाइल ऐप विकसित करना जैसे प्रशिक्षण दिया जाएगा। भाषा का गिरते स्तर को देखते हुए पांचवी से आठवीं के विद्यार्थियों को भाषा की प्रयोगशाला शूरू कर भाषाई ज्ञान बढ़ाया जाएगा। 

कहां कितना खर्च

अंतरराष्ट्रीय स्कूल बनाने के लिए 2,60 करोड़ रुपए का प्रावधान
भाषा प्रयोगशाला 1 करोड़ 30 लाख रुपए, विद्यालय मूल्यांकन 20 लाख रुपए, परामर्श सेवा के लिए 1 करोड़ रुपए, 27 शिक्षा सामाग्री के लिए 19 करोड़ 69 लाख रुपए, विज्ञान कुतूहल भवन बनाने 1 करोड़ 20 लाख रुपए, खेल संसाधन- 2 करोड़ रुपए, सीसीटीवी कैमरा- 24 करोड़ 30 लाख रुपए, ई लर्निंग- एक करोड़ 30 लाख रुपए, डिजिटल क्लास रूम- 8 करोड़ 24 लाख, टॉय  लाइब्रेरी  7 करोड़ 38 लाख रुपए, मिनी सायन्स सेंटर 66 लाख रुपए और व्यर्चुयल क्लास रूम 16 करोड़ 92 लाख रुपएपांचवी से आठवी तक के बच्चो को टेक्निकल शिक्षा  टिंकर लैब के लिए 1 करोड़ 42 रुपए, खेल अकादमी के लिए 3 करोड़ 76 लाख रुपए, संगीत अकादमी 86 लाख रुपए, बच्चो को छुट्टी में विविध शिक्षा देने के लिए बालभवन 12 लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया गया है। इसीतरह विशेष प्रावधान दिव्यांगो को सेवा सुविधा के लिए 3 करोड़ का विशेषप्रावधान किया गया है।

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