हर साल हो रही 5 लाख कैसर मरीजों की मृत्यू 

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महाराष्ट्र के दस जिलों में मुफ्त केमोथेरपी

मुंबई- कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के 10 जिलों में मुफ्त केमोथेरपी सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला किया है। आगामी जून महीने से इस योजना का पहला चरण शुरू किया जाएगा। पहले चरण में दस जिलों का चयनित किया गया है।
केमोथेरपी के लिए मुंबई आनेवाले गरीब और जरूरतमंद कैंसर मरीजों को शारीरिक कठिनाई होती है। साथ ही उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी भी जूझना पड़ता है। मरीजों के साथ-साथ उनके सगे संबंधियों को भी दिक्कतें होती हैं। पहले चरण में उपराजधानी नागपुर, गडचिरोली, पुणे, अमरावती, जलगांव, नाशिक, वर्धा, सातारा, भंडारा और अकोला को शामिल किया गया है। आगे चलकर राज्य के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से यह मुफ़्त सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुंबई के टाटा कैंसर अस्पताल में देश भर से मरीज इलाज कराने आते हैं। इसीतरह प्रदेश के मरीजों का भी टाटा अस्पताल में आना-जाना लगा रहता है। केमोथेरपी के लिए मुंबई आनेवाले गरीब और जरूरतमंद कैंसर मरीजों को शारीरिक कठिनाई होती है। साथ ही उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी भी जूझना पड़ता है। मरीजों के साथ-साथ उनके सगे संबंधियों को भी दिक्कतें होती हैं। लिहाजा मरीजों को उन्हीं के जिलों में मुफ्त केमोथेरिपी सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में उपराजधानी नागपुर, गडचिरोली, पुणे, अमरावती, जलगांव, नाशिक, वर्धा, सातारा, भंडारा और अकोला को शामिल किया गया है। आगे चलकर राज्य के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिला अस्पतालों में कैंसर के केमोथेरपी के लिए जो दवाईयां लगती हैं, वह टाटा अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। संबंधित डॉक्टरों को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
राज्य स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत ने कहा कि इससे  पहल से रहने और यात्रा के खर्चों में रोगियों को बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी यूनिट शुरू करने के लिए आवश्यक दवाइयों की एक सूची पहले ही टाटा मेमोरियल अस्पताल से प्राप्त हो चुकी है।
राष्ट्रीय कैंसर रोग पंजीकरण कार्यक्रम के तहत पाया गया है कि हर साल देश में करीब 11 लाख लोगों को कैंसर रोग होता है। इसीतरह हर वर्ष कैंसर के कारण तकरीबन 5 लाख मरीजों की मृत्यू हो जाती है। मौजूदा समय में करीब 28 लाख मरीज कैंसर से जूझ रहे हैं।
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