इस बार सीईटी परीक्षा में 4 लाख 32 हजार विद्यार्थी

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मुंबई- अगले महीने की 10 को सीईटी की परीक्षा होनेवाली है। इस परीक्षा में राज्य के 4 लाख 32 हजार विद्यार्थी बैठनेवाले हैं। यह परीक्षा 1260 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इधर राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए खास तैयार की है। सीईटी सेल, राज्य तकनीक शिक्षा निदेशालय और कृषि प्रशिक्षण संशोधन केंद्र एवं पार्थ नॉलेज नेटवर्क के सहयोग से विद्यार्थियों परीक्षा में सफलता हासिल करने के गुण सिखाए जा रहे है।
तकनीक शिक्षा निदेशालय के निदेशक डॉ. अभय वाघ के मुताबिक विद्यार्थियों के जीवन में बारहवीं कक्षा के बाद सीईटी महत्वपूर्ण चरण होता है। लिहाजा इसका दबाव विद्यार्थी और उनके अभिभावकों पर होता है। यह तनाव दूर करने का काम प्रदेश की सीईटी सेल और राज्य तकनीक शिक्षा निदेशालय कर रहा है। इंजीनियरिंग, कृषि और औषधि निर्माण शास्त्र जैसी शाखाओं के लिए प्रदेश के तकरीबन चार लाख 32 हजार विद्यार्थी 1260 केंद्रों पर सीईटी परीक्षा देनेवाले हैं।
सोमवार को लाइव वेबिनार के जरिए प्रदेश के साढ़े पांच सौ से अधिक कॉलेजों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से इंटरनेट के माध्यम से सीईटी परीक्षा के संदर्भ में लाइव संवाद स्थापित किया गया। परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों के सभी शंका-संदेहों का समाधान किया गया। सरकार कृषि, औषधि और इंजीनियरिंग क्षेत्र में कैरियर बनाने की रूचि रखनेवाले विद्यार्थियों पर विशेष जोर दे रही है। सरकार आपके द्वार उपक्रम चलाया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को परामर्श दिया जा रहा है।
तकनीक शिक्षा निदेशालय के निदेशक डॉ. अभय वाघ के मुताबिक विद्यार्थियों के जीवन में बारहवीं कक्षा के बाद सीईटी महत्वपूर्ण चरण होता है। लिहाजा इसका दबाव विद्यार्थी और उनके अभिभावकों पर होता है। यह तनाव दूर करने का काम प्रदेश की सीईटी सेल और राज्य तकनीक शिक्षा निदेशालय कर रहा है। इंजीनियरिंग, कृषि और औषधि निर्माण शास्त्र जैसी शाखाओं के लिए प्रदेश के तकरीबन चार लाख 32 हजार विद्यार्थी 1260 केंद्रों पर सीईटी परीक्षा देनेवाले हैं। राज्य सीईटी सेल एवं तकनीक शिक्षा निदेशालय विद्यार्थियों के द्वार डीजिटल के माध्यम से पहुंचा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की सभी शंकाओं का समाधान किया जाएगा।
डॉ. वाघ के अनुसार राज्य की प्रगति इस सेवा क्षेत्र से अधिक हुई है। औद्योगिक क्षेत्र में उन्नति बढ़ाने के लिए अभियंताओं की जरूरत होती है। सीईटी की परीक्षा देनेवाले विद्यार्थीं इस जरूरत को पूरा करेंगे। लाइव वेबिनार के माध्यम से विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं के अवसर के संबंध में मार्गदर्शन भी किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को अपने कैरियर को दिशा देने में मदद मिलेगी।
शिक्षा निदेशालय के सहनिदेशक डॉ. सुभाष महाजन ने बताया कि सीईटी के पाठ्यक्रम में इस बार थोड़ा बदलाव किया गया है। इसके स्पष्टीकरण के लिए लाइव वेबिनार लिया जा रहा है। इस बार पहली बार ग्यारहवीं के पाठ्यक्रम पर आधारित कुछ प्रश्न पूछे जाएंगे। राज्य में कृषि डिग्री पाठ्यक्रम के लिए पहली बार एमएचटी सीईटी से प्रवेश प्रक्रिया हो रही है। राज्य कृषि शिक्षा एवं संशोधन परिषद पुणे के निदेशक डॉ. हरिहर कौसडीकर ने बताया कि कृषि क्षेत्र के व्यवसाय में बड़े पैमाने पर अवसर उपलब्ध हैं। प्रदेश में चार विश्वविद्यालय हैं और 190 कॉलेजों में कृषि शाखा की शिक्षा दी जाती है। रोजगार सृजन का यह सबसे बड़ा क्षेत्र है। इसमें शामिल होकर विद्यार्थी समाज का विकल्प बनकर देश की प्रगति कर सकते हैं।
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