दूर होते जा रहे हैं छोटे बच्चे मातृभाषा से – राज्यपाल 

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मुंबई-  राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने इस बात को लेकर चिंता जताई है कि अंग्रेजी भाषा के बढ़ते प्रभाव के कारण छोटे बच्चे धीरे-धीरे अपनी मातृभाषा से दूर होते जा रहे है। बालसाहित्य का अधिकांश हिस्सा अंग्रेजी भाषा में निर्माण हो रहा है। अगले दो से तीन दशक में बच्चे अपनी मातृभाषा में पढ़-लिख सकेंगे भी या नहीं, यह चिंताजनक स्थिति दिखाई दे रहे है। इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

मोबाईल गेम्स में मशगूल रहने से साहित्य वाचन से दूर होते जा रहे है बच्चे 

राजभवन में बुधवार को आयोजित ‘गुलबुटे’ मासिक का प्रकाशन कार्यक्रम को राज्यपाल संबोधित कर रहे थे।  राज्यपाल ने कहा कि छोटे बच्चे 24 घंटे कार्टून चैनल्स, इंटरनेट, समाज माध्यम और मोबाईल गेम्स में मशगूल रहने से साहित्य वाचन से दूर होते जा रहे है। बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनिक स्वास्थ्य पर विपरित परिणाम हो रहा है। इसी पार्श्वभूमि पर बच्चों में अच्छा साहित्य पढ़ने की रुचि पैदा करने के लिए उनके परिजनों और शिक्षकों द्वारा विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने कहा कि स्कूलों के ग्रंथालय किताबों से सुसज्ज करें और शिक्षक बच्चों को डिजिटल माध्यम से कथा-बातें बताकर उनमें साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाए। अच्छा साहित्य नैतिक मूल्यों की वृद्धि करता है और एकता एवं अखंडता की भावना बढ़ाता है।  लिहाजा अच्छे साहित्य को प्रोत्साहन देना चाहिए। कार्यक्रम में विधायक अमीन पटेल, पूर्व विधायक सुहेल लोखंडवाला सहित कई हस्तियां मौजूद थी।

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