चीन के उद्यमी करेंगे महाराष्ट्र में 10 करोड़ अमेरिकन डॉलर का निवेश 

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मुंबई- भारत चीन सीमा पर बढ़ रहे विवाद के बीच सोमवार को चीन के सिचुआन प्रांत के उद्यमियों के एक शिष्टमंडल ने उद्योग मंत्री सुभाष देसाई से मुलाकात की। चीन के उद्योगपतियों ने महाराष्ट्र में निवेश करने की इच्छा जताई है। देसाई ने उद्योगपतियों को राज्य में निवेश करने पर सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग किए जाने का आश्वासन दिया है। चीन की ओर से तकरीबन 10 करोड़ अमेरिकन डॉलर की लागतवाली परियोजना लगाने की इच्छा जताई गई है।
परियोजना शुरू होने पर पुणे और औरंगाबाद में उत्पादन शुरू किया जाएगा। इसके लिए 5 करोड़ अमेरिकन डॉलर निवेश किए जाएंगे। तकरीबन 10 करोड़ अमेरिकन डॉलर तक की परियोजना लगाई जाएगी। इस परियोजना से लगभग 12000 रोजगार निर्माण होंगे।
चीन ने कुछ वर्षों से भारत में औद्योगिक लेन-देन शुरू किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाक़ात के बाद भारत में केवल आयात-निर्यात न करके निवेश कर उत्पादन करने की इच्छा शिष्टमंडल ने जताई है। रेफ्रीजरेटर और कॉम्प्रेसर इस क्षेत्र में राज्य में उत्पादन करने की उनकी तैयारी है। यह परियोजना शुरू होने पर पुणे और औरंगाबाद में उत्पादन शुरू किया जाएगा। इसके लिए 5 करोड़ अमेरिकन डॉलर निवेश किए जाएंगे। तकरीबन 10 करोड़ अमेरिकन डॉलर तक की परियोजना लगाई जाएगी। इस परियोजना से लगभग 12000 रोजगार निर्माण होंगे। शिष्टमंडल में सिचुआन प्रांत के उपाध्यक्ष पेन युसिंग, उपसचिव ज्यु जियाद, सिचुआन सायन्स एंड टेक्नालोजी विभाग के महासंचालक लियो डोंग समेत अन्य शामिल थे। बैठक में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव सुनील पोरवाल, एमआईडीसी के पाटिल, सीआईआई औद्योगिक संगठन के प्रतिनिधि निनाद करपे, इन्डो चायना फेडरेशन के राजीव पोद्दार उपस्थित थे।
देसाई के मुताबिक देश में विदेशी निवेश के लिए राज्य अग्रसर है। राज्य में विद्युत, पानी, भूमि और कुशल मानवशक्ति बड़े पैमाने पर उपलब्ध है। बुनियादी सुविधाओं का जाल बढ़ रहा है। दस मेट्रो लाइन और पूरे राज्य में फैले महामार्ग का जाल, इससे राज्य में उद्योग करना अधिक आसान हुआ है। चीन की ओर से निवेश के लिए रूचि दिखाने का हम स्वागत करते हैं। सिचुआन प्रांत के उपाध्यक्ष पेन युसिंग ने बताया कि सिचुआन यह चीन का सबसे बड़ा प्रांत है और देश के कुल जीडीपी में तकरीबन 40 फ़ीसदी हिस्सा सिचुआन का है। इलेक्ट्रॉनिक, उद्योग, पर्यावरण, यातायात, बुनियादी सुविधाएं, सड़क, महामार्ग निर्माणकार्य, पर्यटन, कला, ऊर्जा, टेलिकॉम, खाद्य एवं कृषि उद्योग आदि क्षेत्र में निवेश के लिए तैयार है। पोरवाल ने कहा कि राज्य में निवेश करने के लिए वर्तमान में अच्छी स्थिति है। उद्योग शुरू करने के लिए आवश्यक लाइसेन्स एवं अनुमति की संख्या भी अब कम की गई है, जिससे निवेशकों की कठिनाइयां कम हुई है। राज्य में निवेश के लिए अधिकतम निवेशक रूचि दिखा रहे हैं।
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