भारत में सिनेमा और कला का समृद्ध इतिहास – क्रिस्टोफ़र नोलन

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“रिफ़्रेमिंग द फ्यूचर ऑफ फिल्म ” का शुभाऱंभ, श्याम बेनेगल की रहेगी खास मेजबानी

मुंबई- फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन की ओर से “रिफ़्रेमिंग द फ्यूचर ऑफ फिल्म ” का आगाज हो गया है। यह खास प्रायोजन मुंबई में 30 मार्च से एक अप्रैल तक चलेगा। ऑस्कर विजेता डायरेक्टर क्रिस्टोफर नोलन, टेसीटा डीन और शिवेंद्र सिंह डुंगरपुर  इस खास प्रायोजनों में मेजबानी करेंगे। कार्यक्रम में महशूर फिल्म निर्माता और निर्देशक श्याम बेनेगल भी शिरकत करेंगे। हाल ही में श्याम बेनेगल को बी. शांताराम जीवन गौरव पुरस्कार से राज्यपाल सी. विद्यासागर सम्मानित किया है। बेनेगल कई पुरस्कारों से सम्मानित किए जा चुके हैं।
भारत में शानदार सिनेमा और कला का समृद्ध इतिहास है। फिल्मों का इतिहास हमें प्रोत्साहित करता है। आनेवाली पीढियों, युवा कलाकारों और फिल्म निर्माताओं के लिए इस धरोहर को संरक्षित रखने की जरूरत है – क्रिस्टोफ़र नोलन
क्रिस्टोफेर नोलन और टेसीटा डीन #FilmHeritageFoundation

भारत में फिल्म के भविष्य पर फोकस करने के लिए इन तीन दिनों में तीन सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेष संगोष्ठी, कार्निवल सिनेमा, वार्तालाप का आयोजन होगा। शुक्रवार को जशराज स्टूडियों में इसका आयोजन किया गया था। शनिवार को वडाला के आईमेक्स थियेटर और मरीन लाइंस के लिबर्टी सिनेमा में और एक अप्रैल को एनसीपीए में इसका आयोजन होगा। टेसिटा डीन बताते हैं कि फिल्में उनके जीवन और आंतरिक अनुशासन का अभिन्न अंग है। मुझे इस काम से अलग नहीं किया जा सकता। हमें नई तकनीक के माध्यमों को महत्व देने की जरूरत है। हमें कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और दर्शकों के लिए उपलब्ध फिल्मों का दबदबा बनाए रखने की जरूरत है।

क्रिस्टोफर नोलन का कहना है कि भारत में शानदार सिनेमा और कला का समृद्ध इतिहास है। फिल्मों का इतिहास हमें प्रोत्साहित करता है। आनेवाली पीढियों, युवा कलाकारों और फिल्म निर्माताओं के लिए इस धरोहर को संरक्षित रखने की जरूरत है। फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक सिवेंद्र सिंह डुंगरपुर ने टेसिटा और क्रिस्टोफर का अभिनंदन करते हुए कहा कि हम अपनी नींव के आधार पर उनके समर्थन की गहराई से सराहना करते हैं। फाउंडेशन को दुनिया के दो प्रमुख फिल्मकारों का समर्थन प्राप्त हुआ है। हमें यकीन है उनकी वकालत का संदेश काफी प्रभाव डालेगा। हम उन नए अभिलेखीय और प्रदर्शनी मानकों का निर्धारण करने की आवश्यकता पर चर्चा करेंगे जो फिल्म के भविष्य को सुरक्षित करते हैं।
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