सीआईए की लिस्ट: अमेरिका पर फूटा हिंदू संगठनों का गुस्सा 

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मुंबई। अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की लिस्ट में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल को उग्रवादी धार्मिक संगठन के रूप में शामिल करने के मामले से विवाद खड़ा हो गया है। बजरंग दल सहित कई हिंदू संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई है। बजरंग दल ने कहा है हम समाज के लिए काम करते हैं, लिहाजा हमें अच्छा काम करने के लिए अमेरिका के सर्टिफिकेट की जरुरत नहीं है।
बजरंग दल के प्रदेशाध्यक्ष शंकर गायकर के मुताबिक सीआईए को स्पष्ट करना चाहिए कि हमें किस आधार पर आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया गया है। सूची से जाहिर होता है कि अमेरिका को आतंक के बारे में ठीक से पता नहीं है।
भाजपा संवाद सेल के पूर्व संयोजक खेमचंद शर्मा ने ट्वीट कर सीआईए की रिपोर्ट को फर्जी करार दिया है। शर्मा के मुताबिक हम सीआईए एजेंसी के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई करने के लिए विधि विशेषज्ञों की सलाह ले रहे हैं। बजरंग दल के प्रदेशाध्यक्ष शंकर गायकर के मुताबिक सीआईए को स्पष्ट करना चाहिए कि हमें किस आधार पर आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया गया है। सूची से जाहिर होता है कि अमेरिका को आतंक के बारे में ठीक से पता नहीं है। अमेरिका का आकलन पूरी तरह से गलत है। अमेरिका को अपने देश में बढ़ रही आतंकवादी गतिविधियों पर चिंता करनी चाहिए। हमारे मामले में अमेरिका को दखल देने की जरुरत नहीं है।
गायकर ने कहा कि वीएचपी पिछले 52 सालों से 150 से अधिक देशों में सामाजिक कार्य कर रही है। बजरंग दल में प्रशिक्षण लेने वाले कई कार्यकर्ता पुलिस के अलावा कई सरकारी सेवाओं में काम कर रहे हैं। गायकर के अनुसार हम कई स्कूलों के अलावा सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों को भी चलाते हैं। वीएचपी और बजरंग दल देश के संविधान के अनुसार काम करने वाले संगठन हैं। इन्हें धार्मिक उग्रवादी संगठन कहना पूरी तरह से गलत है। आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा ने कहा कि सीआईए एक साजिश करने वाली संस्था है। वियतनाम में सीआईए की भूमिका के बारे में सबको पता है। हमें उनकी सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता माधव भंडारी ने भी नाराजगी जताई है।
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