मुख्यमंत्री ने बुलाई माथाडी कामगारों की बैठक 

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मुंबई- माथाड़ी कामगार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आजाद मैदान में बेमियादी अनशन पर बैठे हैं। कामगारों की समस्या का हल निकालने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मंत्रालय में बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री ने कहा है श्रमिकों की मांगों को लेकर सरकार हमेशा सकारात्मक रही है। बातचीत के जरिए समस्या का उचित हल निकाल लिया जाएगा।
महाराष्ट्र राज्य माथाडी, ट्रान्सपोर्ट और जनरल कामगार यूनियन के पदाधिकारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास वर्षा पर मुलाकात की और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे महाराष्ट्र राज्य माथाडी, ट्रान्सपोर्ट और जनरल कामगार यूनियन के नेता नरेंद्र अण्णासाहेब पाटिल ने माथाडी कामगारों की मांगों और विभिन्न मसलों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को विशेष बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है। महाराष्ट्र राज्य माथाडी, ट्रान्सपोर्ट और जनरल कामगार यूनियन के पदाधिकारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास वर्षा पर मुलाकात की और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे महाराष्ट्र राज्य माथाडी, ट्रान्सपोर्ट और जनरल कामगार यूनियन के नेता नरेंद्र अण्णासाहेब पाटिल ने माथाडी कामगारों की मांगों और विभिन्न मसलों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि माथाडी श्रमिकों की मांगों के संबंध में हमेशा सरकार ने सकारात्मक विचार किया है। उनकी लंबित मांगों का हल निकालने के लिए श्रम, राजस्व और गृह विभाग की संयुक्त बैठक मंगलवार को होगी, जिसमें सभी समस्याओं का उचित हल निकाला जाएगा। माथाडी कामगारों ने सोमवार की सुबह में मंत्रालय के करीब स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा का अभिवादन करके अपने आंदोलन की शुरूआत की।
आजाद मैदान में माथाडी कामगारों से जुड़े विभिन्न संगठनों के सैकड़ो पदाधिकारी और कार्यकर्ता अनशन पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में माथाडी सलाहकार समिति और विभिन्न माथाडी मंडलों की पुर्नरचना करके अनुभवी कामगारों को सदस्य बनाने, माथाडी मंडल के कार्यालयीन सेवा में माथाडी कामगारों के बच्चों को प्राथमिकता, माथाडी मंडल पर पूरे समय के लिए चेयरमैन और सेक्रेटरी की नियुक्ति, माथाड़ी कामगारों को घर और महाराष्ट्र के 36 माथाडी मंडलों को मिलाकर एक माथाडी मंडल बनाने के प्रस्ताव पर रोक लगाने जैसी इत्यादि मांगें शामिल हैं।
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