पीएम मोदी और अनिल अंबानी का हो नार्को टेस्ट: कांग्रेस

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मुंबई-  फ्रांस के लड़ाकून विमान राफेल डील में हुई कथित अनियमितता को लकेर लगाए गए आरोपों से कांग्रेस पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कांग्रेस ने यह कहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति अनिल अंबानी का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है कि करार के वक्त केवल पीएम मोदी ही मौजूद थे। 

पोल खुलने का डर

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सचिन सांवत के मुताबिक विमान खरीदी को लेकर केवल प्रधानमंत्री मोदी ने डिसॉल्ट कंपनी और फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ चर्चा की थी। उस वक्त विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, रक्षा सचिव, वायु सेना प्रमुख या अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं था। लिहाजा पीएम मोदी और अनिल अंबानी का इस लेनदेन में हुए घोटाले का खुलासा करने के लिए नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। सावंत के मुताबिक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच में पोेल खुलने की डर से घर-घर मोदी का नारा देनेवाले अब डर-डर और थर-थर मोदी  बन गए हैं।

1670. 70 करोड़ रुपए एक विमान !

उन्होंने कहा कि तत्कालीन यूपीए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुली निविदा मंगाकर एक विमान की कीमत 526.10 करोड़ रुपए तय की थी। यानी 36 विमानों की कुल लागत 18 हजार 940 करोड़ थी। लेकिन मोदी सरकार ने 1670. 70 करोड़ रुपए एक विमान की कीमत तय की। अर्थात मोदी सरकार ने 36 विमान कुल 60 हजार 145 करोड़ रुपए में खरीदे हैं। इस लेनदेन में मोदी सरकार ने देश का 41 हजार 205 करोड़ रुपए का नुकसान किया है। पीएम मोदी ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान येरोनॉटिक्स लिमिटेड को मिलनेवाला 30 हजार करोड़ रुपए का ठेका, करार के 12 दिन बाद स्थापित हुई अनिल अंबानी की कंपनी को दे दिया। साथ ही 1 लाख करोड़ रुपए का जीवन बीमा अनुबंध प्रदान कर अंबानी को फायदा पहुंचाया। राफेल खरीदी देश के इतिहास में सबसे बड़ा घोटाला बन गया है। इस मामले में मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गलत जानकारी देकर अदालत को भी गुमराह किया। साथ ही संसद के विशेषाधिकार का भी हनन किया  है। 

कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्युरिटी ताक पर

सावंत ने कहा कि कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्युरिटी को ताक पर रखकर राफेल विमान की खरीदी की गई है। कॉन्ट्रैक्ट निगोशिएशन कमेटी और प्राइस निगोसिएशन कमेटी से कीमत सत्यापन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। डिफेन्स एक्विजिशन काउंसिल को दरकिनार किया गया। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्युरिटी की पूर्व-स्वीकृति नहीं ली गई। वायुसेना को 126 लड़ाकू विमानों की जरूरत थी, जबकि मोदी सरकार ने विमानों की संख्या घटाकर 36 कर दी। रक्षा मंत्रालय के वित्त विभाग के प्रमुख सुधांशु मोहंती ने कहा है कि विमान की कीमत 5.2 बिलियन यूरो से 8.2 बिलियन करने की मुख्य वजह घोटाला है। सावंत ने कहा कि राफेल घोटाले को लेकर कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। 

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