कांग्रेस ने दर्ज कराई मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत 

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मुंबई- कांग्रेस पार्टी ने आज पालघर लोकसभा उपचुनाव के चुनाव निर्णय अधिकारी के पास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विरुद्ध आचार संहिता भंग की शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस के साथ एनसीपी, बहुजन विकास पार्टी ने भी मुख्यमंत्री पर आचारसंहिता भंग करने संबंधी शिकायत पत्र दिया है। यह जानकारी महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता सचिन सावंत ने रविवार को लायंस क्लब हाल में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

कांग्रेस सहित बहुपक्षीय दलों के शिष्टमंडल ने चुनाव अधिकारी से मुलाकात करके, मुख्यमंत्री के खिलाफ आचारसंहिता का उल्लंघन करने का मामला दर्ज कर, कार्रवाई करने की मांग की है। सावंत ने कहा कि ऑडियो क्लीप में सुनाई दे रही मुख्यमंत्री की भाषा हैरान करनेवाली है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है।

सचिन सावंत के मुताबित पालघर जिलाधिकारी बतौर चुनाव अधिकारी को मुख्यमंत्री के भाषण की ऑडियो सीडी दी गई है, जिसमें वे चुनाव जीतने के लिए कार्यकर्ताओं को साम, दाम, दंड, भेद का इस्तेमाल करने का कूटनीतिक गुरुमंत्र देते सुने जा रहे हैं। मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है। कांग्रेस सहित बहुपक्षीय दलों के शिष्टमंडल ने चुनाव अधिकारी से मुलाकात करके, मुख्यमंत्री के खिलाफ आचारसंहिता का उल्लंघन करने का मामला दर्ज कर, कार्रवाई करने की मांग की है। सावंत ने कहा कि ऑडियो क्लीप में सुनाई दे रही मुख्यमंत्री की भाषा हैरान करनेवाली है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। साम, दाम, दंड, भेद शब्द का इस्तेमाल करनेवाले मुख्यमंत्री ने कितनों लोगों को दाम दिया है। साथ ही कितनों को दंडित किया गया है। यह कौन सा भेद है। इसकी पूछताछ चुनाव आयोग करे। मुख्यमंत्री के भाषण से लग रहा है, मानों प्रदेश को दादागिरी करनेवाला मुख्यमंत्री मिला है। मुख्यमंत्री का लोकतंत्र के प्रति कितना उच्च विचार है, यह जनता को पता चल गया है।

सावंत ने कहा कि साम, दाम, दंड, भेद की भाषा किस ‘पारदर्शक’ शब्दकोश से कूटनीति से जोड़ी गई है। लोकतंत्र में कूटनीति को कब से स्वीकार किया गया, इसका जवाब मुख्यमंत्री को देना चाहिए। पालघर उपचुनाव में भाजपा ने सत्ता और पैसे का दुरूपयोग किया है। मतदाताओं को पैसे बांटते हुए भाजपा कार्यकर्ता को रंगे हाथ पकड़ा गया है। शायद यह मुख्यमंत्री के आदेश से हुआ है। यह निष्कर्ष मुख्यमंत्री के भाषण से निकल रहा है। कांग्रेस की मांग है मुख्यमंत्री नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दें। इससे पहले भी मुख्यमंत्री के खिलाफ आचारसंहिता उल्लंघन की सबूत के साथ कई शिकायतें की जा चुकी हैं। लेकिन चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। चुनाव आयोग राज्य सरकार के दबाव में काम कर रहा है।

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