नाणार परियोजना को लेकर सियासी बवाल, दौरा करेगा कांगेसियों का दल

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मुंबई- कांग्रेस का एक शिष्टमंडल कोकण में प्रस्तावित नाणार रिफाइनरी परियोजना स्थल का दौरा करेगा। इस दौरान कांग्रेसियों का दल रत्नागिरी के स्थानीय लोगों से बातचीत करके विवाद की स्थितियों का जायजा लेंगे। इधर एनसीपी सहित शिवसेना भी परियोजना के विरोध में ताल ठोंके हुए है।

सरकार में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना इस परियोजना के विरोध में है। शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इसके विरोध में सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। नाणार संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बीतो दिनों मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से भी मुलाकात की थी, राज ने समय आने पर इस मामले में हस्तक्षेप करने का आश्वासन दिया था।

बीते दिनों परियोजना का विरोध कर रही समिति के पदाधिकारियों ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण से मुलाकात की थी। उन्होंने परियोजना को लेतक विरोध जताया था। चव्हाण ने रत्नागिरी में पार्टी प्रतिनिधिमंडल को भेजने का निर्णय लिया था। पार्टी सांसद हुसैन दलवाई की अगुवाई में शिष्टमंडल 19 और 20 अप्रैल को नाणार परिसर का दो दिवसीय दौरा करेगा और स्थानीय लोगों से बातचीत करके स्थिती का जायजा लेगा। दलवाई की अगुवाईवाले इस शिष्टमंडल में भालचंद्र मुंणगेकर, भाई जगताप , हुस्नबानो खलिफे, मधु चव्हाण, राजेंद्र गावित समेत 17 नेता शामिल हैं। नाणार रिफाइनरी को लेकर सियासी घमासान जारी है। इस बीच खबरें आ रही हैं कि कई उद्योगपतियों ने मुनाफा कमाना के लिए परियोजना के लिए चिन्हित स्थल में किसानों के नाम पर जमीन खरीद रखी है। जमीन अधिग्रहण होने पर वे सरकार से मुआवजा लेकर जेबें भरनेवाले है। अटकलें यह भी हैं कि केंद्र सरकार इस परियोजना को गुजरात शिफ्ट करने की तैयारी में है।

सरकार में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना इस परियोजना के विरोध में है। शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इसके विरोध में सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। नाणार संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बीतो दिनों मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से भी मुलाकात की थी, राज ने समय आने पर इस मामले में हस्तक्षेप करने का आश्वासन दिया था। पिछले मंगलवार को मनसे कार्यकर्ताओं ने नाणार रिफाइनरी के ताड़देव स्थित कार्यालय में तोड़फोड़ की थी। इधर उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने स्थानीयों के विरोध को देखते हुए परियोजना को रद्द करने की मांग की है। एनसीपी भी इसके विरोध में ताल ठोंके हुए है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार परियोजना के पक्ष में है। उन्होंने चेंबूर की रिफाइनरी का उदाहरण देते बताया कि वहां प्रदुषण की कोई समस्या नहीं है। परियोजना से विकास के साथ रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने साफ किया कि परियोजना को लेकर दुबई की किसी भी कंपनी से करार नहीं किया गया है।

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