रंगबिरंगी होगी देशी शराब 

Download PDF

– अवैध कारोबर पर अंकुश लगाने की कवायद –

मुंबई- उत्पादन शुल्क विभाग की ओर से दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के लाइसेंस अब से ऑनलाइन प्रणाली से लैस किए जाएंगे। इतना ही नहीं देशी दारू को विभिन्न रंगों में भी बेचा जा सकेगा। इस संदर्भ में द डिस्टिलर्स एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र संगठन और उत्पादन शुल्क मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के साथ हुई बैठक में लिया गया है। उत्पादन विभाग के काम को पारदर्शी तरीके से चलाने के साथ ही इज ऑफ डुइंग बिजनेस को आसान बनाने की दिशा में यह निर्णय लाभदायक बताया जा रहा है।
विदेशी शराब की तरह ही देशी दारू को भी विभिन्न रंगों में उपलब्ध कराया जाना चाहिए। देशी दारू को विभिन्न रंगों में उपलब्ध कराए जाने से अवैध दारू निर्माण पर भी नियंत्रण रखा जा सकेगा। उत्पादन शुल्क मंत्री ने ग्रामरक्षक दल गठित करने और उनकी मदद करने का भी निर्देश दिया है।
बैठक में देशी दारू के रंग को लेकर चर्चा की गई। फिलहाल देशी दारू सफेद रंग में उपलब्ध कराई जा रही है। द डिस्टिलर्स एसोसिएशन की ओऱ से कहा गया कि विदेशी शराब की तरह ही देशी दारू को भी विभिन्न रंगों में उपलब्ध कराया जाना चाहिए। देशी दारू को विभिन्न रंगों में उपलब्ध कराए जाने से अवैध दारू निर्माण पर भी नियंत्रण रखा जा सकेगा। उत्पादन शुल्क मंत्री ने ग्रामरक्षक दल गठित करने और उनकी मदद करने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने अवैध दारू विक्री रोकने के लिए ग्रामरक्षकों के दल को प्रभावशाली बनाने और अवैध दारू निर्माण करनेवालों का पता लगाने का निर्देश दिया है। संगठन के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में उत्पादन शुल्क मंत्री बावनकुले ने बताया कि भविष्य में किसी भी प्रकार के दारू को पैकबंद बोतल में ही उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित विभागों और लाइसेंसधारकों को दिया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करनेवालों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।
उन्होंने कहा कि सीएल-3 देशी दारू की दुकान में पहले खुली दारू उपलब्ध होती थी, जिससे खुलेआम दारू का सेवन किया जाता था। सरकार ने सीएल-3 लाइसेंसधारकों को निर्देश दिया है कि उनकी दुकानों में खुली दारू नहीं बेची जाएगी। दारू को पैकबंद बोतल में ही बेचा जाना चाहिए। सीएल-3 एवं एफएल-2 लाइसेंसधारी दुकानों को सुबह 8 से रात्रि 10 तक ही शुरू रखने का सख्त निर्देश दिया गया है।
Download PDF

Related Post