क्रिस्टल टॉवर अग्रिकांड: दस वर्ष की बच्ची ने बचाई कईयों  की जान

Download PDF

मुंबई, बुधवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे क्रिस्टल टावर के 12वीं मंजिल पर आग लगने की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड के जवान तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और एक घंटे में हाई तकनीक की सहायता से आग पर काबू पा लिया। आग 12 वीं व 13 वीं मंजिल तक पहुंच गई थी। शुरुआत में यही लग रहा था कि यहां धुएं की वजह से लोगों का दम घुट रहा था, लेकिन कोई जख्मी नहीं हुआ है। लेकिन जब फायर ब्रिगेड ने यहां कुलिंग ऑपरेशन शुरु किया गया तो तकरीबन 20 लोगों की हालत गंभीर पाई गई। इन सभी को तत्काल केईएम अस्पताल में पहुंचाया गया। इनमें से 2 की मौत लीफ्ट में दम घुटने से हो गई थी, जबकि 2 लोगों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। मृतकों में एक वृद्ध महिला भी है।

सभी को तत्काल केईएम अस्पताल में पहुंचाया गया

मृतकों में बबलू शेख व शुभदा शेलके की पहचान हो गई है, जबकि अन्य दो मृतकों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। 16 घायलों में भी 6 महिला व 10 पुरुष शामिल हैं। इस टॉवर में तकरीबन 40 परिवार रहते हैं। यहां अचानक आग लग जाने के बाद इमारत में आगरोधक यंत्रों का कोई इंतजाम न किए जाने से यहां लोगों को दम घुटने लगा था। केईएम अस्पताल में शेख मासुक, वकार शेख, कार्तिक सुवर्णा, जयंत सावंत , नवीन संपत, अजहर शेख, येवटे डिसोजा, असफाक शेख, राजीव नरवाड़े, संदीप मांजरे, ज्योत्स्ना बेरा, अक्षता सुवर्णा, वीना संपत, निधि संपत व चंद्रिका सुवर्णा का इलाज जारी है। इनमें राजीव नरवड़े व संदीप मांजरे अग्रिशमन दल के जवान हैं।

फायर ब्रिगेड के जवानों ने हाई तकनीक के सहयोग से 70 लोगों को बाहर निकाला था। आग लगने के दौरान यहां लिफ्ट सेवा बंद कर दी गई थी, जिससे लोग सीढ़ियों से ही नीचे उतरने का प्रयास कर रहे थे। महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर ने बताया कि यहां फायर ब्रिगेड दल के जवानों ने बहुत ही अच्छा काम किया है। स्थानीय नगरसेवक व अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी लोगों की मदद कर रहे हैं। इस घटना की सघन जांच की जाएगी और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। क्रिस्टल टॉवर इमारत को स्थानीय मुंबई महानगर पालिका की ओर से अधिवास प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। इसलिए मनपा की ओर से इस इमारत का पानी व बिजली कनेक्शन काट दिया गया है।

  क्रिस्टल टावर इमारत में लगी आग के दरम्यान धुएं से लोगों का दम घुट रहा था और लोग आग की लपटों से खुद को बचाने के लिए हाथ पैर मार रहे थे। उस समय स्कूल में ‘फायर फाइटिंग’ का प्रशिक्षण ले चुकी 10 वर्ष की बच्ची जेन खुद की और अपने परिवार सहित दर्जनों लोगों की जान बचाने में सफल रही। बच्ची के मार्गदर्शन में यह सभी लोग सकुशल टॉवर से नीचे उतरने में सफल हो सके। 

धुएं की वजह से टॉवर में रहने वाले लोग परेशान हो गए। इसी दौरान जेन ने अपने घर में कपड़ों को फाड़ा और उसे गीला करके अपने परिवार वालों को दिया। यह गीला कपड़ा परिवार के सभी लोगों ने अपनी-अपनी नाक के पास लगाकर रखा। इसके बाद जेन ने खुद सहित अपने परिवारों के बाल व पहने गए कपड़ों को गीला कर दिया और आग की लपटों से बचाव किया।

 

Download PDF

Related Post