7वें वेतनमान को लेकर कालेज प्राध्यापकों का आंदोलन 5 जुलाई से…

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भोपाल, प्रांतीय शासकीय प्राध्यापक संघ मध्यप्रदेश भोपाल के आह्वान पर मध्य प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के प्राध्यापक ,क्रीड़ा अधिकारी एवं ग्रंथपाल 5 जुलाई 2018 से चरणबद्ध आंदोलन की ओर अग्रसर है. इस संबंध में सभी संभागों द्वारा अपने-अपने अतिरिक्त संचालक व प्राचार्यों को ज्ञापन एवं आंदोलन की रूपरेखा दे दी है. कालेज प्राध्यापकों द्वारा सातवें वेतन आयोग को लागू किए जाने की माँग ज़ोर पकड़ती जा रही है. प्राध्यापक संघर्ष के मार्ग पर निकल चुके हैं. जुलाई माह शिक्षण के क्षेत्र में अतिमहत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यही समय है जब महाविध्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होती है. ऐसे में प्राध्यापकों की अनुपस्थिति विध्यार्थियों के लिए दिक़्क़त पेश कर सकती है. प्राध्यापकों ने चेतावनी दी है कि इस कड़ी में प्रवेश प्रक्रिया का भी सम्पूर्णता के साथ बहिष्कार हो सकता है।

हाल ही में शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ की बैठक भोपाल में प्रदेश के सभी संभाग अध्यक्षों एवं सचिवों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया की शासन अगर सातवें वेतनमान की अनुशंसाओं को पूरे प्रदेश के महाविद्यालयीन शिक्षक /ग्रंथपाल और स्पोर्ट्स आफीसरों के लिये अभिलंब लागू नहीं करता तो संघ द्वारा पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।

 आंदोलन की ज्वाला प्रज्वलित हो चुकी है… शिक्षकों के नारे भी उतने ही दिलचस्प हैं.

“हर ज़ोर ज़ुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है।”

“शिक्षक को सम्मान दो..सातवां वेतनमान दो…”

“शिक्षक जब सड़कों पर होगा …कैसे राष्ट्र निर्माण होगा….”

 

प्रांतीय प्राध्यापक संघ भोपाल संघ के संभागीय अध्यक्ष डॉक्टर प्रवीण तामोट, प्रांतीय कोषाध्यक्ष डॉ सुधांशु धर द्विवेदी? डॉ प्रभात पांडे, डॉ प्रीति पचौरी ने आज भोपाल के शासकीय गीतांजलि कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ भारती जैन मैडम और समस्त स्टाफ से आगामी 5 जुलाई से प्रारंभ होने वाले आंदोलन की रूपरेखा के बारे में विस्तृत विचार विमर्श किया उसी अवसर के छायाचित्र.

उल्लेखनीय है की मध्य प्रदेश शासन के सभी शासकीय कर्मचारियों को सातवां वेतनमान दिया जा चुका है किंतु विश्वविद्यालय एवम महाविद्यालय प्राध्यापकों क्रीड़ा अधिकारी एवं ग्रंथपाल को वेतनमान की घोषणा हेतु आंदोलन की राह में जाने को मजबूर किया जा रहा है. छात्र हित को ध्यान में रखते हुए प्रांतीय प्राध्यापक संघ नेतृत्व ने बहुत ही विवेकपूर्ण तरीके से चरणबद्ध आंदोलन की समय सारणी घोषित की है और अपने शिक्षकीय दायित्वों का निर्वहन किया है किंतु अत्यंत खेद है कि शासन प्रशासन अभी तक सो रहा है. शिक्षक क्लास रूम छोड़ कर सड़क पर आंदोलन के लिए खड़े होने को मजबूर है

प्रांताध्यक्ष डॉक्टर कैलाश त्यागी ने संभाग के पदाधिकारियों से सारी प्रक्रियाओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। बैठक में पहुंचे सभी पदाधिकारी अपने-अपने संभागों के निर्णय से अवगत कराया और यह विश्वास दिलाया कि अगर प्रांत कोई भी निर्णय लेता है तो सभी संभाग के शिक्षक उसका पूरी तरह से समर्थन करेंगे भले ही कोई कठोर निर्णय क्यों न लेना पड़े ।प्रदेश के सभी महाविद्यालयीन शिक्षकों ने वित्त विभाग के अड़ंगेबाजी पर गहरा रोष व्यक्त किया। उल्लेखनीय है की वित्त विभाग लगातार महाविद्यालयीन शिक्षकों की मांगों पर बिना किसी औचित्य के अड़ंगे लगा रहा है शायद वित्त विभाग के आला अधिकारियों की मंशा अच्छी नहीं है ।प्रांताध्यक्ष डॉ. कैलाश त्यागी ने यह भरोसा दिया है कि अगर शासन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा घोषित सातवें वेतनमान को अविलम्ब लागू नहीं करता तो संघ द्वारा चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर अविलम्ब समस्त संभागो को प्रेषित की जाएगी और आन्दोलन को प्रारंभ किया जाएगा । बैठक में भोपाल ,इंदौर ,सागर रीवा, ग्वालियर, होशंगाबाद, उज्जैन आदि संभाग के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।

 दिनाँक 18 जून 2018 को अपराह्न 2 बजे,शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय में स्थानीय कॉलेजों के प्राध्यापक साथियों की एक बैठक आयोजित की गई थी ,जिसमें UGC द्वारा घोषित सातवें वेतनमान को प्रदेश में शीघ्र लागू किए जाने हेतु, शासन के प्रति,आगामी रणनीति पर कार्ययोजना को अन्तिम रूप दिए जाने पर विचार किया गया था. 

 

 

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