#dprapproved : 1856 Cr investment!

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महाराष्ट्र के 152 शहरों के लिए 1856 करोड़ रुपए का डीपीआर मंजूर

– औरंगाबाद में कचरे की समस्या से गरमाई सियासत 

मुंबई- औरंगाबाद शहर में कचरे की समस्या को लेकर बढ़ रहे तनाव के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शहर के लिए 86 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) मंजूर किये जाने की जानकारी दी है। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य के 152 शहरों के लिए 1856 करोड़ रुपये की डीपीआर मंजूर की गई है। साथ ही 48 शहरों के घनकचरा प्रबंधन के प्रस्ताव को 31 मार्च से पहले मंजूर दी जाएगी।

विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष धनंजय मुंडे व अन्य सदस्यों ने कचरे के मुद्दे को लेकर अल्प चर्चा पेश की थी। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि औरंगाबाद शहर के लिए मंजूर डीपीआर का पैसा केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से उपलब्ध कराया जाएगा। 

मुख्यमंत्री  ने कहा कि औरंगाबाद मनपा को कचरा निस्तारण परियोजना के लिए आवंटित की जाने वाली 86 करोड़ रुपए के खर्च पर निगरानी के लिए समिति गठित की जाएगी। यह समिति औरंगाबाद के विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में बनाई जाएगी। इसमें औरंगाबाद मनपा के आयुक्त और जिलाधिकारी को शामिल किया जाएगा। यह समिति आवंटित राशि की टेंडर प्रक्रिया पर निगरानी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कचरा निस्तारण परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 86 करोड़ रुपए देने का फैसला किया है। इसमें केंद्र सरकार का 30 करोड़ और राज्य सरकार का 20 करोड़ रुपए का हिस्सा है। जबकि 36 करोड़ रुपए मनपा को देना है। लेकिन मनपा की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए  फैसला लिया है कि मनपा के हिस्से की राशि भी राज्य सरकार देगी। इससे मनपा पर एक भी रुपए का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औरंगाबाद में कचरा निस्तारण परियोजना के लिए डिटेल प्लान रिपोर्ट ( डीपीआर) बनाने के लिए इंदौर की एजेंसी को नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्रिन्यावित होगी। इसके माध्यम से कचरे से बायोगैस तैयार की जाएगी। लेकिन फिलहाल अगले एक साल तक शहर के खुले जगहों पर गड्डा खोद करके उसमें कचरा डाला जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि औरंगाबाद का हर जनप्रतिनिधि चाहते हैं कचरा उनके क्षेत्र में न फेंका जाए। हमें जनप्रतिनिधि और शहरवासियों की इस मानसिकता को बदलान पड़ेगा। क्योंकि आखिर में कचरा कहीं पर कहीं तो डालना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के नारेगांव कचरा डिपो परिसर के विकास के लिए 61 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि औरंगाबाद में 5200 मीट्रिक टन कचरा सड़कों पर था। इसमें से 1300 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण 17 मार्च तक कर लिया जाएगा।  मुख्यमंत्री के मुताबिक स्थानीय सामाजिक संस्था की मदद ली जाएगी। तकरीबन 76 प्रतिशत कचरा इकट्ठा किया गया है। शेष बचे कचरे को जमा करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके आगे कचरा डंपिंग के लिए जगह नहीं मिलेगी, कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से नष्ट करने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। मुंबई की बड़ी सोसायटियां कचरे का वर्गीकरण कर रही हैं, जो वैज्ञानिक पद्धति से कचरे को नष्ट कर रही हैं, उन्हें एफएसआई में छूट दी जा रही है।
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