आर्थिक रुप से पिछड़े मेडिकल विद्यार्थियों की आधी फीस भरेगी सरकार 

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– सवा तीन लाख युवाओं का कौशल प्रशिक्षण –
मुंबई – छत्रपति शाहू महाराज छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत मेडिकल व दंत मेडिकल की पढ़ाई करनेवाले आर्थिक रूप से पिछड़े मराठा समुदाय के विद्यार्थियों की आधी फीस भरने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। युवाओं को रोजगारभिमुख बनाने के लिए राज्य सरकार उनके कौशल प्रशिक्षण पर साढ़े चार सौ करोड़ रुपए खर्च करेगी। करीब सवा तीन लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह जानकारी शुक्रवार को राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने दी।
मांगों को पूरा करने के लिए मंत्रिमंडल की उपसमिति गठित की गई है। यह समिति हर सप्ताह बैठक लेकर मांगों के संबंध में जायजा लेती है। मराठा समाज की अधिकांश मांगों पर राज्य सरकार सकारात्मक कार्यवाही कर रही है, इसके लिए शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
मंत्रालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पाटिल ने कहा कि मराठा समाज की अधिकांश मांगों को सरकार ने पूरा किया है। मराठा समाज की मांग पर फैसला लेने के लिए गठित की गई उप समिति के पाटिल अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने मराठा क्रांति मोर्चा की मांगों पर की गई कार्यवाहियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पाटिल कहा कि मराठा क्रांति मोर्चा के समय राज्य सरकार ने पहल करते हुए मोर्चे की समन्वय समिति से चर्चा की। उनकी मांगों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानमंडल में निवेदन दिया। मांगों को पूरा करने के लिए मंत्रिमंडल की उपसमिति गठित की गई है। यह समिति हर सप्ताह बैठक लेकर मांगों के संबंध में जायजा लेती है। मराठा समाज की अधिकांश मांगों पर राज्य सरकार सकारात्मक कार्यवाही कर रही है, इसके लिए शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। पाटिल ने आरोप लगाया कि मराठा समुदाय को आंदोलन के लिए उकसाया जा रहा है। मोर्चे को वित्तीय मदद कौन पहुंचाता है, इसकी जानकारी हमें है।
पाटिल के मुताबिक मराठा आरक्षण का मामला न्यायालय में है। पिछड़ा आयोग का काम तेजी से चल रहा है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार भी अपना पक्ष रखने के लिए उचित कार्यवाही करेगी। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन एवं प्रशिक्षण संस्था की तर्ज पर छत्रपति शाहू महाराज संशोधन, प्रशिक्षण एवं मानव विकास संस्था की स्थापना की गई है। इस संस्था की कार्य संबंधी रिपोर्ट कल ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई है। इस संस्था के माध्यम से पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति व फेलोशिप, प्रतियोगिता परीक्षा के लिए मार्गदर्शन आदि विभिन्न उपाय योजना पर अमल किया जाएगा। अन्य पिछड़े वर्ग की तरह आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए आय की मर्यादा आठ लाख रुपए तक करने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत राज्य सरकार ने पिछले वर्ष एक लाख 17 हजार विद्यार्थियों की आधी शुल्क भरी थी। इस साल मेडिकल और दंत मेडिकल के विद्यार्थियों की आधी शुल्क सरकार भरेगी। विद्यार्थियों से आधी शुल्क लेकर प्रवेश देने का निर्देश महाविद्यालयों को दिया गया है।
पाटिल ने बताया कि एक लाख रुपए तक सालाना आयवाले अभिभावकों के बच्चों के लिए पंजाबराव देशमुख वसतीगृह निर्वाह भत्ता योजना शुरू की गई है। इसके तहत शहरी इलाकों के विद्यार्थियों को 30 हजार रुपए और ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष दिए जाते हैं। एक लाख से आठ लाख रुपए सालाना आयवाले अभिभावकों के बच्चों को छात्रावास के लिए शहरी इलाकों में प्रति वर्ष 10 हजार रुपए और ग्रामीण क्षेत्रों में आठ हजार रुपए देने का निर्णय लिया गया है। विद्यार्थियों को रहने की सुविधा की लिए छात्रावास योजना बनाई गई है। मराठा समाज के लोग और संस्थाएं छात्रावास शुरू करने के लिए आगे आएं। उन्हें राज्य सरकार हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है। मराठा समाज के युवा व्यवसाय में भी आगे बढ़े, इसलिए राज्य सरकार ने स्व. अण्णासाहेब पाटिल आर्थिक विकास महामंडल के मार्फत तीन योजना बनाई है। व्यक्तिगत और समूह के लिए ब्याज प्रतिपूर्ति योजना से प्रत्येक को दस और 50 लाख रुपए तक के कर्ज का ब्याज राज्य सरकार भरेगी। किसानों के समूह को महामंडल की ओर से बिना ब्याज का कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा।
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