डीएसकेडीएल ग्रुप के खिलाफ ईडी की बड़ी कार्रवाई 

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मुंबई। महाराष्ट्र के पुणे जिले से संचालित होनेवाली डीएस कुलकर्णी डेवलपर्स लिमिटेड (डीएसकेडीएल) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने डीएसके ग्रुप की की 904 करोड़ रुपए की संपत्ति को संलग्न किया है। साथ ही कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा राज्य  के निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का भी मामला दर्ज किया गया है।
35 हजार निवेशकों से 1084 करोड़ की ठगी
ईडी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार डीएसके समूह की कंपनियों की भूमि, भवन, फ्लैट, एलआईसी पॉलिसी, बैंक खाता को अटैच किया गया है। कंपनी  के खिलाफ दर्ज की गई शिकायत के आधार पर पीएमएलए के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की गई थी। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू,) पुणे की ओर से डीएसके ग्रुप के चेयरमैन और एमडी दीपक एस. कुलकर्णी, डीएसके ग्रुप की ग्रुप अध्यक्ष हेमंती डी. कुलकर्णी और शिरीष डी. कुलकर्णी के खिलाफ धोखाधड़ी किए जाने का खुलासा होने के बाद चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसके अलावा डीएसके की आठ कंपनियों के ग्रुप सीईओ दीपक एस. कुलकर्णी ने वर्ष 2006 से 2017 की अवधि के दौरान बेहतर रिटर्न का झांसा देते हुए महाराष्ट्र के लगभग 35000 निवेशकों के साथ कुल 1084 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
पीएमएलए के तहत जांच में पता चला है कि आरोपी दीपक एस कुलकर्णी, उनकी पत्नी हेमंती डी. कुलकर्णी, उनके बेटे शिरीष डी. कुलकर्णी और अन्य लोगों ने डी. एस. कुलकर्णी एंड कंपनी, डी. एस. कुलकर्णी एंड एसोसिएट्स, डी. एस. कुलकर्णी एंड ब्रदर्स, डी. एस. कुलकर्णी एंड संस, डीएसके संस, डीएसके एसोसिएट्स, डीएसके कन्स्ट्रक्शन, डीएसके इंटरप्राइजेज के नाम पर आठ साझेदारी फर्मों का गठन किया था। डीएसकेडीएल के नाम पर मुंबई, पुणे, कोल्हापुर और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में विभिन्न प्रोजेक्ट के नाम पर निवेशकों से धन एकत्रित किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि इन आठ साझेदारी फर्मों के पास लाभ कमाने वाला कोई व्यवसाय नहीं था। लेकिन निवेशकों को गुमराह करते हुए इन फर्मों के नाम पर विभिन्न जमा योजनाओं की आड़ में पूंजी एकत्रित की गई। ईडी को जांच में पता चला कि डीएसके समूह की 40 समूह कंपनियों व संस्थाओं में निवेशकों से जुटाई गई रकम को बांट दिया गया।
 डीएसकेडीएल ने एसईजेड परियोजना के विकास के लिए वर्ष 2006 से वर्ष 2009 के बीच 332 करोड़ रुपये की लागत से पुणे के पास फुरसुंगी परिसर में जमीन खरीदी थी। हालांकि पूरी जमीन सौदे के बाद किसानों को केवल 147.85 करोड़ रुपए का ही भुगतान किया गया। शेष धनराशि 184.46 रुपये का भुगतान हेमंती डी. कुलकर्णी के बैंक खाते से किया गया था। ईडी ने अब तक 895 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों की पहचान कर ली है। यह संपत्तियां फ़ुरसुंगी (पुणे के पास), कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर व महाराष्ट्र के अन्य जिलों के साथ ही बैंगलोर और संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित हैं। इसके अलावा बैंक खातों में जमा 4 करोड़ रुपए और एलआईसी पॉलिसी के रूप में 5 करोड़ रुपए के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पीएमएलए के तहत ईडी ने कुल 904 करोड़ रुपये की कुल आय को संलग्न कर दिया है।
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