मोदी-चोकसी पर कसा ईडी ने शिकंजा,  जब्त की गई 170 करोड़ की संपत्ति

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मुंबई- प्रवर्तन निदेशालय ने हजारों करोड़ रुपए के पीएनबी बैंक घोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों के बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों की जब्त करना शुरू कर दिय़ा है। सोमवार को ईडी की ओर से बताया गया कि नीरव मोदी की 170 करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों को जब्त किया गया है। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी है।
प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए ऐक्ट 2002 की विभिन्न धाराओं के तहत मोदी और चोकसी के स्वामित्व में आनेवाली विभिन्न संपत्तियों को सील कर दिया था। ईडी ने मुंबई में 6 आवासीय फ्लैट और 10 कार्यालय परिसर, पुणे में 2 आवासीय फ्लैट, अलीबाग में एक फॉर्म हाउस, 1 सौर ऊर्जा संयंत्र और अहमदनगर जिले के कर्जत तालुका में स्थित 135 एकड़ भूमि को जब्त किया है, जिनका बाजार मूल्य 171.26 करोड़ रुपए है।
ईडी अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय जांच एजेंसी और प्रवर्तन निदेशालय ने नीरव मोदी औऱ मेहुल चोकसी के खिलाफ 24 फरवरी 2018 को मनी लांडरिंग एक्ट (पीएमएलए ऐक्ट 2002) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था और दोनों के कई बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों, उनके सहयोगियों और व्यापार से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया था। ईडी ने मोदी-चोकसी की 523.72 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को जब्त कर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए ऐक्ट 2002 की विभिन्न धाराओं के तहत मोदी और चोकसी के स्वामित्व में आनेवाली विभिन्न संपत्तियों को सील कर दिया था। ईडी ने मुंबई में 6 आवासीय फ्लैट और 10 कार्यालय परिसर, पुणे में 2 आवासीय फ्लैट, अलीबाग में एक फॉर्म हाउस, 1 सौर ऊर्जा संयंत्र और अहमदनगर जिले के कर्जत तालुका में स्थित 135 एकड़ भूमि को जब्त किया है, जिनका बाजार मूल्य 171.26 करोड़ रुपए है। मोदी और उनके नियंत्रण की 21 अचल संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से संलग्न किया गया है। इन सभी संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य 523.72 करोड़ रुपए आंका गया है।
मनी लॉंडरिंग केस दर्ज होने के बाद पिछले हफ्ते जांच एजेंसी ने नीरव मोदी के रिश्तेदार और ज्वेलरी किंग मेहुल चोकसी के स्वामित्व वाले गीतांजलि समूह की संपत्तियों को भी जब्त किया था। ईडी ने 85 करोड़ रुपए मूल्य की 34,000 से ज्यादा  आभूषणों को भी जब्त किया था। दोनों चाचा-भतीजे ने मिलकर पंजाब नेशनल बैंक को 13000 करोड़ रूपए की चपत लगाई थी। पीएनबी घोटाला सामने आने के बाद नीरव मोदी और चोकसी की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रही है। एजेंसी ने हाल ही में मोदी परिवार के चार सदस्यों को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। मामले की जांच सीबीआई समेत कई अन्य एजेंसियों भी कर रही हैं। मार्च तक के आंकड़ों के मुताबिक, ईडी ने इस मामले में सभी आरोपियों की 7,600 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त कर लिया था।
पीएनबी की शिकायत के बाद नीरव के खिलाफ कई आपराधिक कानूनों के तहत जांच की जा रही है। बैंक के कुछ कर्मचारियों की कथित भागीदारी भी सामने आई है। पीएनबी की ओर से बताया गया कि बैंक के कुछ अधिकारियों से साठगांठ कर तीन फर्मों के नाम पर लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) हासिल किए गए थे। तीनों कंपनियों की पुख्ता जानकारी, सुरक्षा और निर्धारित प्रक्रिया के बिना ही एलओयू जारी कर दिया गया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो और ईडी ने इस मामले में दोनों पर दो एफआईआर दर्ज की है। पिछले सप्ताह सीबीआई ने मुंबई की अदालत में दो चार्जशीट दायर की थी। ईडी भी जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल करा सकती है। ईडी की चार्जशीट मनी लॉड्रिंग और कथित घोटाले में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की भूमिका पर केंद्रित होगी।
सीबीआई ने 15 फरवरी 2018 को मेहुल चोकशी और आईपीसी की उपधारा 120-बी एवं धारा 420 के तहत अन्य एफआईआर दर्ज की थी। इसके अलावा पीएमएलए, 2002 की धारा 50 (2) और (3) के तहत बैंक के बयान, संपत्ति दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयान के आधार पर ईडी ने मुंबई और सूरत में मौजूद चार वाणिज्यिक संकुलों (वर्तमान बाजार मूल्य 72.87 करोड़ रुपए), 106 बैंक खाते (55.12 करोड़ रुपए की बचत), 15 डीमैट खाते (35.86 करोड़ रुपए) और 11 कारें (वर्तमान बाजार कीमत 4.01 करोड़ रुपए) समेत कुल 171.26 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को सील कर दिया है।
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