प्रदुषण से निपटने के लिए अब चलेंगी इलेक्ट्रिक गाडियां

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मुंबई- प्रदुषण से निपटने के लिए राज्य सरकार ने बिजली पर चलनेवाले (ई-वाहन) का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की उपस्थिति में गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार और टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और इइएसएल आदि कंपनियों के साथ पांच महत्वपूर्ण समझौते किए गए। भविष्य में पर्यावरण संतुलन के लिए मुख्यमंत्री ने महानगरों और सरकारी उपयोगिता में सार्वजनिक यातायात के लिए ई- व्हीकल को बढ़ाने की घोषणा की है।

राज्य में यातायात के क्षेत्र में बड़े बदलाव के लिए यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।  प्रदुषण मुक्त बिजली पर चलनेवाले वाहनों के उपयोग की नीति तैयार की गई है। सार्वजनिक यातायात क्षेत्र में देश में हो रहे बड़े बदलावों को स्वीकार करने के लिए राज्य ने पहल की है।
राज्य सरकार ने सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक तथा निजी यातायात सेवाओं में ई- व्हीकल का उपयोग, चार्जिंग केंद्र की निर्मिति इत्यादि के संदर्भ में करार किए हैं। इस मौके पर पीडब्ल्यूडी मंत्री चंद्रकांत पाटिल, मुंबई के महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के (युएनइपी) कार्यकारी निदेशक इरिक सोल्हेम आदि मौजूद थे। महिंद्रा समूह और उद्योग विभाग के बीच हुए समझौता करार पर  उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव सुनील पोरवाल और महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. पवन गोयंका ने हस्ताक्षर किए। महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी चाकण की परियोजना में बिजली पर चलनेवाले वाहनों के उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी करनेवाला है। साथ ही वाहनों के लिए स्पेयर पार्ट भी तैयार किए जाएंगे। विभिन्न सार्वजनिक और निजी यातायात व्यवस्था के लिए इलेक्ट्रिक कार आपूर्ति के लिए महिंद्रा कंपनी सरकार के साथ सहयोग करेगी।
परिवहन विभाग द्वारा टाटा मोटर्स के साथ सरकार को एक हजार इलेक्ट्रिक वाहन आपूर्ति के संदर्भ में आज करार किया गया। टाटा मोटर्स इस समझौते के तहत टाटा पॉवर के सहयोग से बिजली पर चलनेवाले वाहनों के लिए राज्य में सौ स्थानों पर चार्जिंग केंद्र का निर्माण करेगी। इसी के साथ एनर्जी इफिशियन्सची सर्विसेस लिमिटेड (इइएसएल) के साथ पीडब्ल्यूडी और सामान्य प्रशासन विभाग के बीच समझौता पर हस्ताक्षर किए गए। इइएसएल कंपनी पीडब्ल्यूडी और सामान्य प्रशासन विभाग को बिजली पर चलनेवाले वाहनों को चार्जिंग सुविधा देगी। युएनइपी और इइएसएल के बीच भी समझौता हुआ है। इस करार के तहत राज्य में बिजली पर चलनेवाले वाहनों की नीति पर अमल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ पर्यावरण कार्यक्रम के लिए इइएसएल को निधि आपूर्ति करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यातायात के क्षेत्र में बड़े बदलाव के लिए यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।  प्रदुषण मुक्त बिजली पर चलनेवाले वाहनों के उपयोग की नीति तैयार की गई है। सार्वजनिक यातायात क्षेत्र में देश में हो रहे बड़े बदलावों को स्वीकार करने के लिए राज्य ने पहल की है। हम तेज गति से आगे जाएंगे। यह केवल शुरुवात है, अभी बहुत काम करना है। विशेष रूप से मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे महानगरों में सार्वजनिक यातायात व्यवस्था के लिए बिजली पर चलनेवाले वाहनों की उपयोगिता बढा़ने की पहल की जा रही है। सरकारी कार्यालयों में बिजली पर चलनेवाले वाहनों का उपयोग किया जाएगा।

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