“एक महाकाव्य का अंत”, राज ठाकरे ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Download PDF

मुंबई, देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपायी के निधन पर सभी दलों की ओर से शोक संदेश आ रहे हैं. मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने अपने व्यंग्य चित्र से दी दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि. उन्होंने अपने कार्टून में श्री वाजपायी के निधन को एक “महाकाव्य का अंत” कह कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

राजनीति के भीष्माचार्य को खो दिया- सांसद साबले

मुंबई-  लोकनेता के रुप में विख्यात पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेई अपनी वचनबद्धता की वजह से पहचाने जाते थे। इसलिए उनके निधन से भारतीय राजनीति का भीष्माचार्य खो गया है। इस तरह की प्रतिक्रिया शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य अमर साबले ने व्यक्त की है।

अमर साबले ने कहा कि अटलजी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे एक कुशल राजनेता, निष्पक्ष सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता , साहित्यकार, पत्रकार आदि विभिन्न भूमिकाओं को अपनाते हुए बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनके इसी व्यक्तित्व को देखते हजारों कार्यकर्ताओं ने राजनीति में प्रवेश लिया है। देशसेवा के लिए समर्पित एक पूरी पीढ़ी को तैयार करने का काम अटलजी ने किया। 

 
साबले ने कहा कि उदारवादी वैश्विक दृष्टिकोण और लोकशाही तत्व को आजीवन अपनाने वाले अटलजी भावी पीढ़ी के लिए आदर्श साबित होंगे। महिला सबलीकरण व सामाजिक समानता के सच्चे समर्थक रहे अटलजी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को एक दूरदर्शी ,विकसित और बलशाली राष्ट्र के रुप में पहचान करवाकर दिया है। उनके निधन से देश एक कविहृदय राजनेता गंवा दिया है।

मुंबई की झोपड़पट्टी देखकर दुखी हो गए थे अटलजी 

मुंबई-  रेल मंत्री पीयूष गोयल की माता व पूर्व विधायक चंद्रकांता गोयल ने बताया कि अटलजी बहुत ही सहृदय,संवेदनशील और भावुक व्यक्ति थे। वे मुंबई की झोपड़पट्टी देखकर बेहद दुखी हुए थे।

चंद्रकांता गोयल के मुताबिक एक बार अटल जी मुंबई दौरे पर आए थे।उन्होंने मुंबई की झोपड़पट्टी को देखने की जिद कर दी। वह उन्हें लेकर अंटाप हिल व माटुंगा की झोपड़पट्टी में गईं। झोपड़पट्टी के लोगों की हालत देखते ही अटलजी दुखी हो गए और उन्होंने कहा कि आप विधायक होने के नाते इनके लिए कुछ क्यों नहीं कर रही हैं। आखिर इन्हें भी जीने का अधिकार है। चंद्रकांता गोयल उन दिनों उसी क्षेत्र की विधायक थीं।

चंद्रकांता गोयल ने बताया कि इस बात की चर्चा तो उन्होंने उस समय की थी, लेकिन अटलजी के निधन पर एक बार उनकी यह याद ताजा हो गई। उन्होंने बताया कि अटलजी जब भी मुंबई दौरे पर आते थे, उनका ठहरना उनके ही सायन स्थित अंबर निवास में होता था। पीयूष गोयल के पिताजी वेदप्रकाश गोयल हमेशा मुंबई दौरे पर अटलजी के साथ रहा करते थे। उन्हें आम तौर पर तीखे और मसालेदार व्यंजन पसंद थे, लेकिन अटलजी कभी भी किसी वस्तु की मांग नहीं करते थे। उनकी पसंद का घर में मैं हमेशा ध्यान रखती थी।

अटल जी के निधन पर सात दिन का सरकारी शोक 

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री  भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर देशभर में सात दिन का शोक दिवस मनाया जाएगा। दिनांक 16 से 22 अगस्त 2018 तक देशभर में सरकारी शोक रहेगा। इस कालावधि में कोई भी कार्यालयीन मनोरंजन का  (Official Entertainment) कार्यक्रम नहीं होगा।

राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक इस कालावधि में पूरे देश में जहां राष्ट्र ध्वज फहराया जाता है, वहां राष्ट्रध्वज आधे पर रहेगा। राज्य के सभी जिलों के डीएम को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। सभी जिलों के राष्ट्रध्वज फहराने वाली टीम को और सभी कार्यालयों को सूचना देने कहा गया है। राजशिष्टाचार विभाग के उपसचिव सतीश घोंसले के मुताबिक शुक्रवार सुबह से सभी स्थानों पर राष्ट्रध्वज समयानुसार आधे पर रहेगा।

Download PDF

Related Post