कांग्रेस के कैंडल मार्च में महिलाओं के साथ छेड़छाड़

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मुंबई- कठुआ व उन्नाव दुष्कर्म कांड के विरोध में कांग्रेसियों द्वारा निकाले गए कैंडल मार्च में महिला कार्यकर्ता के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। एक महिला कार्यकर्ता ने अपने पुरुष सहयोगियों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। यह घटना जुहू बीच पर निकाले गए कैंडल मार्च के दौरान हुई। कांग्रेस के मुंबई अध्यक्ष संजय निरूपम इस मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। इस मामले में निरूपम ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

पीड़िता का कहना है कि अधिक भीड़ होने के कारण आरोपियों को पहचान पाना थोड़ा मुश्किल है। निरूपम ने कहा कि आगे से मोर्चे में शामिल होनेवाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा।

पीड़ित महिला ने निरुपम से शिकायत की है। निरुपम के मुताबिक महिला ने उन्हें इस कथित घटना के बारे में संदेश भेजा था। महिला जिलास्तर की पार्टी कार्यकर्ता है। निरुपम ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा है कि महिला को संगठन की ओर से हर मदद दी जाएगी। वह लोगों को अगर पहचान पाती हैं तो वह उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने में वे महिला की मदद करेंगे। हालांकि पीड़िता का कहना है कि अधिक भीड़ होने के कारण आरोपियों को पहचान पाना थोड़ा मुश्किल है। निरूपम ने कहा कि आगे से मोर्चे में शामिल होनेवाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा।

निरूपम के मुताबिक पीड़िता ने अपने संदेश में आरोप लगाया है कि युवक कांग्रेस और पार्टी की छात्र इकाई एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने महिला कार्यकर्ताओं को गलत तरीके से छुआ और धक्का दिया। महिला ने लिखा है कि यह बेहद दुखद घटना है। कुछ पुरुष कार्यकर्ताओं ने मार्च में हमसे आगे निकलने के लिए ऐसा किया ताकि उनका चेहरा मीडिया में दिख सके। पीडि़ता ने सवाल पुछा है कि क्या भविष्य में इस तरह के कार्यक्रमों में महिला कार्यकर्ता सुरक्षित रहेंगी। कांग्रेस का मार्च बलात्कार के विरोध में था, लेकिन अपने ही महिला कार्यकर्ताओं के साथ हुई :छेड़छाड़ की घटना से संगठन की छवि धूमिल हुई है।

इधर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने घटना की आलोचना की है। उनका कहना है जो पार्टी दुष्कर्म के विरोध में आंदोलन कर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रही है, उसी पार्टी की कार्यकर्ता पीड़िता बन जाए, इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण घटना कोई और नहीं हो सकती है। इससे साबित होता है कि कांग्रेस में किस तरह का अनुशासन है। अधिवक्ता आभा सिंह के मुताबिक निरुपम को पुलिस की कार्रवाई से पहले ऐसे लोगों की पहचान कर, उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। जो अपनों की सुरक्षा नहीं कर सकते वे दूसरों की सुरक्षा क्या करेंगे।

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