असुरक्षित है ऑनलाईन खरीदी,  एक्सपेरियन की रिपोर्ट में खुलासा 

Download PDF
मुंबई- ऑनलाइन से वस्तुओं की खरीदी और बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। परंतु एक्सपेरियन ने अंतरराष्ट्रीय सर्वे कर डिजिटल प्लेटफार्म के खतरे से भी आगाह किया है। एक्सपेरियन की डिजिटल कंज्यूमर इनसाइट्स की रिपोर्ट जारी हुई है, जिसमें ऑनलाइन के माध्यम से धोखेधड़ी के मामलों की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय उपभोक्ताओं के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्यादा सक्रिय होने से देश में डिजिटल खपत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, इसमें धोखाधडी का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। चार में से एक उपभोक्ता ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो रहा है।
यह रिपोर्ट एशिया पेसिफिक के 10 बाजारों, ऑस्ट्रेलिया, चीन, हांगकांग, भारत, इंडोनेशिया, जापान, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, थाइलैंड और वियतनाम में किए गए कंज्यूमर सर्वे में मिले उपभोक्ताओं के जवाब पर आधारित है। इस अध्ययन में पाया गया है जैसे-जैसे ब्रांड और ग्राहक मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सामान की बिक्री और खरीदारी करने के आसान तरीके तलाश रहे हैं, उसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। 
एक्सपेरियन की डिजिटल कंज्यूमर इनसाइट्स 2018 रिपोर्ट सलाहकार फर्म आईडीसी के साथ मिलकर तैयार की गई है। इसमें बताया गया है कि किस तरह से कारोबारी अपने सबसे महत्वपूर्ण साझीदार उपभोक्ताओं के लिए धोखाधड़ी का खतरा कम कर सकते हैं। यह रिपोर्ट एशिया पेसिफिक के 10 बाजारों, ऑस्ट्रेलिया, चीन, हांगकांग, भारत, इंडोनेशिया, जापान, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, थाइलैंड और वियतनाम में किए गए कंज्यूमर सर्वे में मिले उपभोक्ताओं के जवाब पर आधारित है। इस अध्ययन में पाया गया है जैसे-जैसे ब्रांड और ग्राहक मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सामान की बिक्री और खरीदारी करने के आसान तरीके तलाश रहे हैं, उसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं।
रिपोर्ट दो प्रमुख श्रेणियों के ग्राहकों के आर्थिक व्यवहार के आधार पर तैयार की गई है। द डिजिटल वॉयजर्स डिजिटल रूप से समझदार उपभोक्ता होते हैं। बेहतर अनुभव के लिए वे डेटा शेयर करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। अगर उनके साथ ऑनलाइन कोई धोखाधड़ी होती है तो उनमें सर्विस प्रोवाइडर बदलने की प्रवृत्ति काफी कम देखी गई है। दूसरा दी डिजिटल प्रेगमैटिस्ट्स प्रैक्टिकल अप्रोच रखननेवाले उपभोक्ता जो हमेशा ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहते हैं। डेटा शेयर करन के लिए भी ये जल्दी तैयार नहीं होते। भारत को डिजिटल वॉयजर के रूप में वर्गीकृत किया जा जाता है। यहां लोग अपनी सुविधा को ज्यादा अहमियत देते हैं और ऑनलाइन खरीदारी के खतरे या जोखिम के बारे में कम जागरूक रहते हैं।
एक्सपेरियन क्रेडिट ब्यूरो की प्रबंध निदेशक और एक्सपेरियन इंडिया की हेड वैशाली कस्तूरी के मुताबिक इस अध्ययन में पाया गया कि भारत में उपभोक्ता अपनी सुविधा को ज्यादा महत्व देते हैं। भारतीय उपभोक्ता एशिया पेसिफिक के दूसरे देश, जैसे सिंगापुर या हांगकांग के उपभोक्ताओं की तुलना में धोखाधड़ी से बचने के लिए कम जागरूक रहते हैं। मौजूदा समय में धोखाधड़ी का शिकार होने पर उपभोक्ता को ही सारा नुकसान उठाता पड़ता है। डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने का कोई समाधान नहीं है। इस संबंध में समाज में जागरूकता फैलाने और धोखाधड़ी से बचने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है। रिपोर्ट के अनुसार ज्यादा डिजिटल सुविधाएं ज्यादा खतरे और जोखिम से जुड़ी हुई हैं। इससे उपभोक्ताओं और कारोबारियों को काफी परेशानी होती है। हालांकि इस रिपोर्ट में कंपनियों के लिए उम्मीद की किरण भी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब सुरक्षा उपायों के लिए बायोमीटिंक्स में फिंगरप्रिंट स्कैन, चेहरे और आवाज की पहचान शामिल है। एशिया पेसिफिक देशों में भारत 21 प्रतिशत के साथ सर्वोच्च स्थान पर है। एशिया पेसिफिक के दूसरे देश जैसे वियतनाम और चीन में 18 प्रतिशत, ऑस्ट्रेलिया में 9 प्रतिशत, जापान और न्यूजीलैंड में 14 फीसदी लोग अर्ली एडॉप्टर्स हैं। कंपनियां उच्च गुणवत्ता वाले कंज्यूमर डेटा का संभावित रूप से लाभ उठाने से लेकर ट्रांजैक्शन का प्रभावी रूप से सत्यापन करने तक कंपनियां उपभोक्ताओं की धोखधड़ी से रक्षा कर सकती हैं। उपभोक्ता कंपनियों को डेटा संबंधी जानकारी देते हुए सिलेक्टिव रहें।
Download PDF

Related Post