नाणार रिफायनरी का बढ़ा विरोध  किसानों को मिला कांग्रेस और मनसे का भी साथ 

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मुंबई- रत्नागिरी में प्रस्तावित नाणार रिफायनरी को लेकर स्थानिकों का विरोध बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल 19 अप्रैल को स्थानीय लोगों से मुलाकात करेगा। दूसरी ओर शनिवार को नाणार रिफायनरी विरोधी संघर्ष समिति के  शिष्टमंडल ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से मुलाकात की। 

चव्हाण ने आरोप लगाया कि योजना को लेकर शिवसेना दोहरी भूमिका निभा रही है। अगर शिवसेना सही में योजना के विरोध में है तो  जमीन अधिग्रहण के लिए एमआईडीसी के सर्कुलर को रद्द करे या फिर सरकार से बाहर हो जाए ।

राज ठाकरे ने  भरोसा दिलाया कि समय आने पर वे इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे। इससे पहले शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे नाणार परियोजना के विरोध में आंदोलन छेड़ने का एेलान कर चुके हैं। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार भी परियोजना स्थल का दौरा करनेवाले हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने भी संघर्ष समिति के शिष्टमंडल को आश्वास्त किया है कि पार्टी उनके साथ है। अशोक दादा वालम की अगुवाई में कोकण रिफायनरी विरोधी संघर्ष समिति के सदस्यों ने चव्हाण से मुलाकात की थी।

चव्हाण ने आरोप लगाया कि योजना को लेकर शिवसेना दोहरी भूमिका निभा रही है। अगर शिवसेना सही में योजना के विरोध में है तो  जमीन अधिग्रहण के लिए एमआईडीसी के सर्कुलर को रद्द करे या फिर सरकार से बाहर हो जाए ।

चव्हाण ने कहा कि  नाणार रिफायनरी परियोजना  के लिए जिस जमीन को लिया जा रहा है, उस जमीन पर आम व काजू के लाखों पेड़ हैं। जमीन  अधिग्रहण से  हजारों किसानों के सामने रोजी –रोटी की समस्या खड़ी हो जाएगी। रिफायनरी से प्रदूषण की समस्या बढ़ेगी। चव्हाण ने लोगों के विरोध को देखते हुए सरकार से इस योजना को रद्द करने की मांग की है।

स्थानिकों को विश्वास में लेकर ही लगेगी परियोजना – सीएम
मुंबई- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक  केंद्र और राज्य सरकार की इच्छा है नाणार में रिफाइनरी परियोजना लगे।  परंतु स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर ही परियोजना पर फैसला लिया जाएगा।
नाणार परियोजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा साउदी अरब की अरमाको कंपनी से करार किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री स्पष्ट कर चुके हैं कि नाणार परियोजना को लेकर किसी भी कंपनी से कोई करार नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री के मुताबिक केंद्र सरकार ने जो करार किया है वह वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि मुंबई के चेंबूर में रिफाइनरी पिछले 50 साल से कार्यरत है, लेकिन वहां प्रदूषण की कोई समस्या नहीं है।
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